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Photos ko Save aur Publish Karne ke Formats

इमेज फ़ाइल को सेव करने के लिए कई सारे फॉर्मेट हैं. इनमें JPEG, GIF, PNG और TIFF शामिल हैं. हर फॉर्मेट की एक अलग खासियत है. इसीलिए एक्सपर्ट किसी भी फॉर्मेट विशेष को किसी कारण की वजह से ही सेलेक्ट करते हैं.



मार्केट में कई सारे फोटो एडिटिंग प्रोग्राम्स हैं जैसे PhotoShop जो तस्वीर को उसके फॉर्मेट की खासियत के साथ दिखाता है. जैसे TIFF और PNG आपको तस्वीर में बहुत सारे बदलाव करने का ऑप्शन देते हैं. खास तौर से प्रिंट देने के समय. इसी चीज को हमने इस आर्टिकल में विस्तार में समझाया है. आप अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग फॉर्मेट का चयन सेव और पब्लिश करने के लिए कर सकते हैं.


JPEG

JPEG सबसे ज्यादा यूज किया जाने वाला फॉर्मेट है. चाहे स्मार्टफोन हो या कंप्यूटर. यह दुनिया की लगभग सारी डिवाइस इस फॉर्मेट को खोल सकती हैं. पर शायद ऐसी कई चीजें हो है जो आपको JPEG फॉर्मेट में नहीं मिलती हैं. JPEG मूविंग इमेज और ट्रांसपैरेंसी लेयर सेव नही करता है. आप इसको कम्प्रेस जरूर कर सकते हैं जिससे यह ड्राइव पर कम जगह घेरता है. पर इससे इमेज क्वालिटी जरूर कम हो जाती है. इसीलिए JPEG इमेज जितनी बार कन्वर्ट या कम्प्रेस की जाती है, उसके पिक्सल टूटते जाते हैं और यह वापस सुधारा नहीं जा सकता है. यानी प्रिंट के समय अगर तस्वीर बड़ी निकलवानी है तो वो धुंधली ही निकलेगी.


GIF

GIF को ग्राफिक इंटरचेंज फॉर्मेट के नाम से भी जाना जाता है. यानी तस्वीर में ग्राफिक बदलते हैं. हर सेकेण्ड. यह फॉर्मेट आपको मूविंग इमेज सेव करने देता है. इसके लिए यह LZW एल्गोरिदम का सहारा लेता है. इसी वजह से यह स्लो डिवाइस और स्लो इंटरनेट में भी इमेज को डाउनलोड और एक्सेस किया जाता है.

पर यह इमेज को अधिक से अधिक 256 रंग और 8 बिट रेजोल्यूशन के फॉर्मेट में ही सेव कर सकता है. इसीलिए रंगों का वेरिएशन लिमिटेड होगा.


PNG

PNG यह प्रिंट करवाने के लिए यह एडिटिंग के लिए सबसे पॉपुलर फॉर्मेट है. इसमें JPEG और GIF दोनों की क्वालिटी है. साथ में यह ट्रांसपेरेंसी लेयर भी सेव करता है.

JPEG की तरह इसको कम्प्रेस करने पर पिक्सेल भी नहीं टूटते हैं. बाद में अगर फोटो को बड़ा करते हैं तो उतनी ही क्लियर और साफ़ दिखती है.



असल में PNG को मूविंग इमेज के लिए अल्टरनेटिव के तौर पर बनाया गया था. साथ में पेटेंट फीस भी बच जाती थी क्यूंकि GIF को यूज करने के लिए LZW एल्गोरिदम को पेटेंट फीस देनी ही पड़ती है. साथ ही PNG का रेजोल्यूशन GIF की तुलना में बहुत बेहतर है. यह GIF के 8 बिट की जगह 24 बिट यूज करता है.

TIFF

TIFF सबसे पुराने फॉर्मेट में से एक है पर यह काम अच्छे से करता है. PNG की ही तरह कम्प्रेस करने पर पिक्सल नहीं टूटता है. यह बहुत सारे एडिटिंग प्रोग्राम और सॉफ्टवेयर के साथ कम्पेटिबल है और काम करता है. यह इमेज की लेयर भी सेव करता है.
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