Internship Report kaise taiyar kare

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इंटर्नशिप रिपोर्ट वो डॉक्यूमेंट है जो किसी कंपनी में इंटर्न के रूप में आपके अनुभव को रिव्यू करता है. इंटर्नशिप पूरी करने का मतलब होता एजुकेशन में एक निर्णायक कदम पूरा करना माना जाता है. इस तरह, आपकी रिपोर्ट में वे सारी बातें होनी जरूरी हैं जो आपने अपने इंटर्नशिप के अनुभव के दौरान सीखीं. नौकरी की शुरुआत में इंटर्नशिप की अच्छी रिपोर्ट काफी मायने रखती है. इसीलिए आज हम आपको बताएंगे कि एक अच्छी इंटर्नशिप रिपोर्ट तैयार कैसे करते हैं.


इंटर्नशिप के दौरान टास्क लिस्ट साथ में रखें

इंटर्नशिप के दौरान जब आप अपने साथ मिले हुए टास्क की लिस्ट रखते हैं तो इससे आपको कंपनी में अपने उन कामों को लिस्ट करने में मदद मिलती है जिसे आप वहां पूरी करते हैं. आप इस लिस्ट से उन नोट किए गए कामों को अपने इंटर्नशिप रिपोर्ट में ऐड कर सकते हैं. इससे हर टास्क को याद करने में समय बचता है, खासतौर से तब जब आपने उन्हें पूरा कर लिया हो. टास्क के बारे में जानकारियों को आप अधिक सटीक तरीके से रिकलेक्ट कर सकते हैं.

इंटर्नशिप रिपोर्ट कितनी लंबी हो

औसत रूप से एक इंटर्नशिप रिपोर्ट को तकरीबन 30 पेज का होना चाहिए. यदि इंटर्नशिप शॉर्ट (एक महीने में 15 दिन से कम) है तो 15 पेज की रिपोर्ट पर्याप्त होगी.



इंटर्नशिप रिपोर्ट की लंबाई अलग अलग हो सकती है. ये आपके स्कूल की जरूरत पर निर्भर करती है और अधिकतम ये 80 पेज तक की हो सकती है. आपके सुपरवाइजर की ओर से ये जानकारी आपको दी जाएगी.

इंटर्नशिप रिपोर्ट में कौन सी बातें शामिल करें

ऐसा करने का कोई एक खास तरीका नहीं है. लेकिन जब आप रिपोर्ट तैयार करते हैं तो आगे बताए गए मानक प्रारूप या स्टैंडर्ड फॉरमैट का इस्तेमाल कर सकते हैं.


आपकी रिपोर्ट में ये बातें शामिल होनी चाहिए: एक कवर पेज और एक कंटेन्ट इन्डेक्स. कवर पेज पर आपका पहला और आखिरी नाम होना चाहिए. इसके अलावा कवर पेज पर जॉब टाइटिल, इंटर्नशिप की तारीख और कंपनी का नाम भी लिखा जाना चाहिए. इस पेज पर आपकी यूनिवर्सिटी को कैसे संपर्क किया जाए, उसकी जानकारी भी होनी चाहिए. इसके साथ आपके इंटर्नशिप सुपरवाइजर का नाम भी जरूरी है. कंटेन्ट इंडेक्स दो या तीन हिस्से में हो सकता है. इसमें परिचय और निष्कर्ष भी होगा. हर हिस्से में कई संख्या वाले सेक्शन (उदाहरण के लिए 1 > 1.1 > 1.2, वगैरह.) होने चाहिए.

उदाहरण के लिए, आपको शुरुआत अपने परिचय से करना चाहिए. यहां आप अपने इंटर्नशिप का संदर्भ या कॉन्टेक्स्ट डालेंगे. यहां आप अपने अनुभव और कामों का सारांश, या ओवरव्यू डालें. इनसे आपके स्कूल को आपके इंटर्नशिप के अनुभव का आकलन करने में मदद मिलेगी. इसके बाद कंपनी के विवरण की बारी आती है जो कंपनी के क्षेत्र, ऑफर की गई सेवाओं, मार्केट, इंटरनल ऑर्गनाइजेशन आदि की रूपरेखा तैयार करता है. ये वही कंपनी होगी जिसमें आपने इंटर्नशिप पूरी की है. अब आपको अपने अनुभव को विस्तार में लिखना होगा. इसमें पूरे किए गए टास्क, इस्तेमाल किए गए टूल्स, हासिल की गई योग्यता आदी भी शामिल होंगे. आखिर में अपना निष्कर्ष लिखिए. इसमें आप अपने एजुकेशनल प्रोग्राम के संदर्भ में इंटर्नशिप के बारे में बताइए. आपको इस हिस्से में उन कौशल और योग्याता के बारे में भी विस्तार से बताना होगा जिन्हें आपने हासिल किया. फिर इंटर्निशिप पूरा किए जाने का आपके लिए क्या अर्थ है इसे संक्षेप में बताइए.

कुछ बातें वैकल्पिक हैं. इनमें परिशिष्ट(ग्राफ और टेबल के लिए), शब्दावली(मतलब इस्तेमाल किए गए तकनीकी शब्द), और ग्रंथसूची (रिपोर्ट में उल्लेख की गई किताबें और लेख).

इंटनर्शिप रिपोर्ट की स्टाइल और फॉरमैट क्या हो

इंटर्नशिप रिपोर्ट लिखने के लिए आमतौर पर छोटे और सरल वाक्य का इस्तेमाल करना चाहिए. चीजों को बहुत जटिल बनाए बिना आअपने अनुभव का सही अर्थ क्या है उसे रेखांकित किया जाना चाहिए. आपको अपने स्रोतो को ही तरीके से बताने के लिए ग्रंथसूची देनी जरूरी है.

रिपोर्ट का फॉरमैट स्टैंडर्ड फॉन्ट और साइज का हो. जैसे कि 12-प्वाइंट का टाईम्स न्यू रोमन या 11-प्वाइंट का एरियल. सेक्शन की टाइटिल बोल्ड हो और साइज बड़ा जैसे, 16-प्वाइंट एरियल का हो. पैराग्राफ टाइटल बोल्ड हो और फॉन्ट साइज थोड़ा बड़ा, मान लीजिए 13-प्वाइंट एरियल हो. 1.5 की स्पेसिंग सही रहेगी. हालांकि यह आपके स्कूल और असाइनमेंट पर के अनुसार छोटी-बड़ी हो सकती है.

Image: © Gennady Kireev - 123RF.com
Jean-François Pillou

जीन फ़्रांसवा पिलाओ - संस्थापक, CCM
जीन फ़्रांसवा पिलाओ को हमारी टीम जेफ नाम से जानती है. उन्होंने फ्रांस की नंबर वन हाईटेक साइट CommentCaMarche.net की शुरुआत की. जेफ सीसीएम बेंचमार्क ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी होने के साथ फिगरो ग्रुप के डिजिटल डायरेक्टर भी हैं.

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