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WhatsApp aur Telegram mein kya antar hai

WhatsApp और Telegram दोनों में कुछ खास फीचर एक जैसे हैं: दोनों तेजी से उभरते ऐप्लिकेशंस हैं. दुनिया भर में व्हाट्सऐप के अधिक यूजर्स हैं, लेकिन इसका प्रतिद्वंद्वी टेलीग्राफ भी कम नहीं. टेलीग्राफ के चाहने वालों की तादाद दिन ब दिन बढ़ती जा रही है. लेकिन क्यों? आइए जानते हैं कि व्हाट्सऐप और टेलीग्राम में क्या फर्क है? आज हम इसी बारे में यहां आपको पूरी जानकारी देने वाले हैं.


यूजर्स की तादाद

वैसे तो किसी ऐप को कितने लोग इस्तेमाल करते हैं, ये उसके बेहतर होने की कसौटी नहीं है. लेकिन हकीकत यही है कि इस वक्त व्हाट्सऐप इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप का किंग है, बादशाह है. ताजा जानकारी के मुताबिक अभी दुनिया के कोने कोने में व्हाट्सऐप के 1.5 बिलियन और टेलीग्राम के 200 मिलियन एक्टिव यूजर्स हैं. फर्क आसानी से देखा जा सकता है. इसलिए लोकप्रियता को देखते हुए कहा जा सकता है कि टेलीग्राम के मुकाबले व्हाट्सऐप पर अपने कॉन्टैक्ट को खोज निकालना ज्यादा आसान है.

सुरक्षा का स्तर

निजी जानकारियों की चोरी और उसका कमर्शलाइजेशन दिन ब दिन तेजी से बढ़ता जा रहा है. इस बात पर गंभीर चर्चा छिड़ी हुई है कि टेलीग्राम या व्हाट्सऐप, किसका सेक्योरिटी सिस्टम बेहतर है. इस बहस के बीच ये ज्यादा अच्छा होगा कि आप खुद तय करें कि कौन अच्छा है. दोनों ऐप्स एंड-टू-एंड एक्रिप्शन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन टेलीग्राम में, ये सिस्टम केवल सीक्रेट चैट में एक्टिवेट किया हुआ होता है. ये बात व्हाट्सऐप में नहीं. यहां एनक्रिप्शन सभी बातचीत या कन्वर्सेशन में लागू होता है. टेलीग्राम के नॉन-सीक्रेट चैट भी एनक्रिप्टेड होते हैं, लेकिन एंड-टू-एंड नहीं होते.

दूसरी ओर, व्हाट्सऐप एनक्रिप्शन Signal के इस्तेमाल किए जाने वाले सिस्टम पर निर्भर करता है. ये अपनी प्राइवेसी लेवल के लिए सबसे अधिक भरोसेमंद और इज्जतदार मैसेजिंग ऐप में से एक माना जाता है. Telegram MTProto का उपयोग करता है. ये एक प्रोप्राइटी एनक्रिपशन प्रोटोकॉल है जिसमें अभी तक कोई जोखिम नहीं पाया गया है. इसके अलावा, टेलीग्राम में आप अपने चैट पर पासवर्ड रख सकते हैं, स्क्रीनशॉट से बच सकते हैं, इनकॉग्निटीव कीबोर्ड को एक्टिव कर सकते हैं और यहां तक कि सेल्फ-डिस्ट्रक्ट वाले मैसेज भी भेज सकते हैं. व्हाट्सऐप में आपको ये सारे प्राइवेसी ऑप्शन नहीं मिलेंगे. .

अंत में, ध्यान रखें कि व्हाट्सऐप यूजर्स को अपने अकाउंट को रियल फोन नंबर से लिंक करने की जरूरत होती है. इसलिए चैट के दौरान आप जान सकते हैं कि यूजर का फोन नंबर क्या है. टेलीग्राम में टेलीफोन नंबर से अकाउंट को आप लिंक करना चाहते हैं, या नहीं ये आपके ऊपर निर्भर होता है.

कस्टमाइजेशन



नए अपडेट के बाद व्हाट्सऐप में कुछ नए फीचर, टेलीग्राम से प्रेरित होकर, आए हैं. ये यूजर्स के अनुभव को बेहतर करते हैं. इसमें एनिमेटेड GIFs और स्टिकर्स सेंड करना शामिल है. दोनों ऐप्लिकेशंस प्रैक्टिकल रूप से मैसेज और चैट को कस्टमाइज करने के लिए एक जैसे टूल का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि टेलीग्राम इस बात में हमेशा आगे रहा है.

एस्थेटिक यानी सौंदर्यशास्त्र के नजरिए से देखें, तो टेलीग्राम में व्हाट्सऐप से अधिक संभावनाएं मौजूद हैं. व्हाट्सऐप में आप चैट का बैकग्राउंड बदल सकते हैं, जबकि टेलीग्राम में थीम (आप डाक थीम को भी एक्टिवेट कर सकते हैं) को पूरी तरह से एडिट करने की गुंजाइश रहती है.

विजेट को देखते हुए, व्हाट्सऐप के पास पहले से पांच अलग अलग ऑप्शन है, जबकि टेलीग्राम में एक भी नहीं है. व्हाट्सऐ इस मायने में भी टेलीग्राम से आगे है कि यहां यूजर्स स्नैपचैट की ही तरह स्टोरीज पोस्ट करने के ऑप्शन को पसंद करते हैं.

ग्रुप्स

टेलीग्राम और व्हाट्सऐप पर ग्रुप का फायद उठाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. मगर यहां दोनों में खासा फर्क है. उदाहरण के लिए, व्हाट्सऐप में आप अधिकतम 256 लोगों का एक ग्रुप बना सकते हैं. टेलीग्राम में नॉर्मल ग्रुप की बात रें तो ये सीमा 200 लोगों तक की है. लेकिन ध्यान दें कि टेलीग्राम में सुपरग्रुप में 200,000 से अधिक लोग एक ग्रुप में रह सकते हैं. इसके अलावा सब्सक्राइबर्स की संख्या देखें तो, टेलीग्राम ग्रुप्स की कोई सीमा नहीं है.

शेयरिंग पावर

व्हाट्सऐप और टेलीग्राम दनों में यूजर्स टेक्स्ट डॉक्यूमेंट से लेकर ईमेजेज, वीडियोज, कैलेंडर कॉन्टैक्ट, या भौगोलिक लोकेशन जैसे कई कंटेन्ट भेज सकते हैं. वैसे, टेलीग्राम में बॉट्स से आप और अधिक कंटेन्ट भेज सकते हैं. इस ऐप का इस्तेमाल बहुत लोग उन टॉपिक्स पर सचेत रहने के लिए करते हैं जिनमें उन्हें रुचि है. यहां तक कि मिनी-गेम्स में भी. इसके अलावा, टेलीग्राम में आप1.5 GB तक की किसी भी तरह की फाइल सेंड कर सकते हैं, जो क्लाउड में स्टोर रहता है. लेकिन व्हाट्सऐप में फाइलें 100 MB से अधिक बड़ी नहीं हो सकतीं. और ये भी कि व्हाट्सऐप में ये जरूरी नहीं कि वे क्लाउड में हमेशा सेव की जाती रहें.

दोनों में एक और अहम फर्क है कि व्हाट्सऐप यूजर अपने अकाउंट को गूगल ड्राइव पर सिंक्रोनाइज कर सकते हैं. जबकि टेलीग्रोफ में यूजर्स ऐसा नहीं कर सकते हैं. आप जानते हैं, क्यों? क्योंकि टेलीग्राम पर सेंड और रिसीव किए जाने वाले इन्फॉरमेशन अपने आप डिलीट नहीं होते, ये सेव कर लिए जाते हैं.

वीडियो कॉल्स

व्हाट्सऐप के नए अपडेट में नए फीचर ऐड किए गए हैं. इनमें से कुछ टेलीग्राम से प्रेरित हैं. ये यूजर्स के अनुभव को बेहतर करते हैं. इसमें एनिमेटेड GIFs और स्टिकर्स सेंड करना शामिल है. दोनों ऐप्लिकेशंस प्रैक्टिकल रूप से मैसेज और चैट को कस्टमाइज करने के लिए एक जैसे टूल का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि टेलीग्राम इस बात में हमेशा आगे रहा है.

एस्थेटिक यानी सौंदर्यशास्त्र के नजरिए से देखें, तो टेलीग्राम में व्हाट्सऐप से अधिक संभावनाएं मौजूद हैं. व्हाट्सऐप में आप चैट का बैकग्राउंड बदल सकते हैं, जबकि टेलीग्राम में थीम (आप डाक थीम को भी एक्टिवेट कर सकते हैं) को पूरी तरह से एडिट करने की गुंजाइश रहती है.

विजेट को देखते हुए, व्हाट्सऐप के पास पहले से पांच अलग अलग ऑप्शन है, जबकि टेलीग्राम में एक भी नहीं है. व्हाट्सऐ इस मायने में भी टेलीग्राम से आगे है कि यहां यूजर्स स्नैपचैट की ही तरह स्टोरीज पोस्ट करने के ऑप्शन को पसंद करते हैं.

मल्टीप्लेटफार्म

कभी-कभी इन ऐप्लिकेशंस में लंबे टेक्सट मैसेज लिखना मुश्किल होता है. लेकिन टेलीग्राम और व्हाट्सऐप, दोनों के वेब वर्जन ने इस काम को आसान बना दिया है.

वैसे तो व्हाट्सऐप क्लाउड सर्विस के रूप में काम नहीं करता. लेकिन ये यूजर के डेटा को अलग अलग प्लेटफाआम पर सिंक्रोनाइज करता है ताकि जब आप फोन से मैसेज लिखना शुरू करें तो वो दूसरे कनेक्टेड डिवाइस पर रिकॉर्ड ना हों. इसके अलावा व्हाट्सऐप में ऐप्लिकेशन के वेब वर्जन को ओपन करने के लिए नेटवर्क का कनेक्टेड होना और फोन का ऑन रहना जरूरी है. टेलीग्राम क्लाउड पर निर्भर है, इसलिए इसमें आप अलग अलग डिवाइसेज में लॉग-इन कर सकते हैं, सारे मैसेज देख सकते हैं, चाहे आपका फोन बंद ही क्यों ना हो.

ऑपरेटिंग सिस्टम

व्हाट्सऐ और टेलीग्राम दोनों में वर्जन हैं जो मुख्य ऑपरेटिंग सिस्टम, एंड्रॉयड, आईओएस, विंडोज फोन आदिन के साथ कम्पैटीबल होता है. हालांकि ऐसे कुछ अंतर भी हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है:

-Firefox OS और Linux: टेलीग्राम में कम्पैटीबल वर्जन है, लेकिन व्हाट्सऐप में नहीं है.
-Blackberry OS, Symbian, S40 और Kaios: टेलीग्राम के पास कम्पैटीबल वर्जन नहीं है. लेकिन व्हाट्सऐप में है.

Photo: © iStock.
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CCM पर आने वाली सारी जानकारियों को जीन फ़्रांसवा पिलाओ की अगुआई में आईटी विशेषज्ञ एक साथ मिलकर तैयार करते हैं. जीन फ़्रांसवा पिलाओ CCM के संस्थापक और Figaro Group के डिजिटल डायरेक्टर हैं. CCM फ्रांस की नंबर वन टेक वेबसाइट है. ये 11 भाषाओं में उपलब्ध है.

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CCM (in.ccm.net) पर उपलब्ध यह डॉक्युमेंट "WhatsApp और Telegram में क्या अंतर है" क्रिएटिव कॉमन लाइसेंस के तहत उपलब्ध कराया गया है. जैसा कि इस नोट में साफ जाहिर है, आप इस पन्ने को लाइसेंस के तहत दी गई शर्तों के मुताबिक संशोधित और कॉपी कर सकते हैं.

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