इनकम टैक्स रिटर्न ऑनलाइन फाइल करें: स्टेप बाई स्टेप गाइड

दिसम्बर 2016


अगर आपकी सालाना आय 5 लाख रुपये से ऊपर है तो आप भी इनकम टेक्स स्लैम में आते हैं और इसलिए आपको ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न भी भरना पड़ेगा. यह काम करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है पर आखिरी दिनों में सर्वर पर इतना बोझ बढ़ जाता है कि कई लोग समय से पहले यह काम नहीं कर पाते हैं. तो आप आज ही नीचे बताए गए तरीके से आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं.

ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करें

सबसे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जाकर स्वयं का पंजीकरण करें. इसका यूजर आईडी आपका पैन नंबर होगा. ऑनलाइन आईटीआर फाइल करने के दो मुख्य तरीके हैं.

पहले तरीके के लिए सबसे पहले लॉग-इन करें और डाउनलोड सेक्शन में जाकर आवश्यक फॉर्म को सलेक्ट करें. डेस्कटॉप पर डाउनलोड करें. इसमें सारी जानकारियां भरें और 'Generate XML' पर क्लिक करें. इसके बाद वापस वेबसाइट पर जाकर 'Upload XML' बटन दबाएँ.

दूसरे तरीके के लिए वेबसाइट पर क्विक ई-फाइल सेक्शन में जाएं. लॉग-इन करें, फॉर्म सेलेक्ट करें और फिर असेसमेंट ईयर सलेक्ट करें. अन्य डिटेल भरें.

ITR फॉर्म का चयन

आगे आपको इनकम के स्रोत को चुनना होगा. सैलरी, पेंशन, प्रॉपर्टी है तो आईटीआर 1 फॉर्म सेलेक्ट करें जिसको सहज नाम से भी जाना जाता है. इसके अलावा यदि किसी कैपिटल गेन से कमाई हुई है तो आईटीआर फॉर्म 2 सेलेक्ट करें.

इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त रखें डॉक्यूमेंट का ख्याल

आपको अपना पैन नंबर, पैन कार्ड, फॉर्म 16, ब्याज की स्टेटमेंट, टीडीएस (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) की जानकारी और सभी प्रकार के इनवेस्टमेंट प्रूफ होने जरूरी हैं. इस साल से AL नाम का नया कॉलम भी जोड़ा गया है. इसमें आपको अपने साल की एसेट एवं लायबिलिटी की जानकारी देनी होगी. पर यह उनके लिए है जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये से ज्यादा हो. अपनी मदद के लिए आप आप फॉर्म 26AS भी साथ में रख सकते हैं. यह आपके पैन नंबर की जानकारी सिंक करके पिछले सालों में भरा गया टैक्स आदि का ब्यौरा प्रदर्शित करता है. यह टैक्स लायबिलिटी की जानकारी भी देता है.

सबमिट करते वक्त अगर आपने डिजिटल सिग्नेचर का यूज किया है तो सिस्टम एक एकनॉलिजमेंट नंबर जेनरेट करता है. और अगर फॉर्म बिना डिजिटल सिग्नेचर के साथ सबमिट किया है तो आईटीआर-वी जेनरेट होता है. यह सिस्टम द्वारा आपके रजिस्टर्ड इमेल पर भेजा जाता है. आगे के किसी भी पत्राचार में यही नंबर का प्रयोग बतौर रिफ्रेसं होता है. इसी इस आईटीआर-वी को साइन करके इनकम टैक्स विभाग के पते पर भेजा जाता है. रिटर्न फाइल करने के चार महीने या 120 दिनों के अंदर ही इस एक्नॉलिजमेंट को भेजना जरूरी है.

रिटर्न को इंटरनेट पर ई-वेरिफाई भी किया जा सकता है. यानी इसको टैक्स विभाग में भेजने की जरूरत नहीं है. इसके लिए उसी वेबसाइट पर जाकर ई-वेरिफाई रिटर्न पर सलेक्ट करना होगा. इस प्रक्रिया में वन टाइम पासवर्ड की जरूरत होगी.

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