बैटरी लाइफ बढ़ाने के चार नुस्खे

दिसम्बर 2016

हमें तब अच्छा नहीं लगता है जब हमारा फोन वाइब्रेट करके ये बताता है कि अब आपकी बैटरी बहुत कम बची है और फोन को जल्दी से प्लग-इन कर लें.. खासतौर पर ये वार्निंग तब बिलकुल नहीं सुहाती जब आपने घर से निकलने के पहले खासतौर से इसे चार्ज किया था. दुर्भाग्य से यदि आपकी बैटर बहुत जल्दी खपने लगती है तो इसमें कुछ गलती तो आपकी भी है. बैटरी यूनिवर्सिटी की एक नई स्टडी आई है जिसकी मानें तो हम अपने डिवाइस के बारे में जितना कुछ भी जानते हैं वह गलत हो सकता है. स्टडी के अनुसार, लीथियम-लायन बैटरी को कुछ दबाव झेलना पड़ता है. और इंसानों की तरह इसके दबाव को प्यार और सही तरीके की देखभाल करना जरूरी है.


अपने फोन की बैटरी लाइफ को बढाएं

बैटरी यूनिवर्सिटी एक महत्वपूर्ण साइट है जो हमें कई ऐसे तरीके बताती है जिनकी मदद से हम कैडेक्स ब्रांड की बैटरियों का रखरखाव करना सीखते हैं. यहां हम ऐसा करने के चार नुस्खे बता रहे हैं जिसे यूनिवर्सिटी ने सुझाएं हैं. इससे बैटरियों की लाइफ आसान हो जाएगी. sier.

पूरी तरह चार्ज फोन को प्लग-इन मत छोड़ें

जब आप जरूरत से ज्यादा व्यायाम कर लेते हैं तो आप अपनी मांसपेशियों को आराम देने के लिए स्ट्रेच करते हैं. इसके बाद आप कई घंटे इसके असर में रहते हैं. ऐसा ही कुछ बैटरी के साथ है. पूरी रात चार्ज होने के लिए छोड़ देने से उस पर भी कुछ ऐसा ही असर होता है.


बैटरी यूनिवर्सिटी के अनुसार, बैटरी पूरी तरह चार्ज होने के बाद भी फोन या दूसरी डिवाइसों को प्लग में लगा छोड़ देने से कुछ निश्चित समय के बाद बैटरी पर बुरा असर पड़ने लगता है. जब बैटरी पूरी चार्ज हो जाती है, और फिर भी प्लग में लगी होती है तो यह 'ट्रिकल चार्ज' पर चली जाती है. यह बैटरी को ऑन रखता है और हमेशा 100% पर रखता है. लेकिन इससे धीरे धीरे ड्राइवर लंबी अवधि में खराब होने लगता है. तो बैटरी के लाइफ के लिए ये ज्यादा बेहतर है कि आप चार्ज होने पर इसे प्लग से निकाल दें.

अपनी बैटरी को कभी 100% चार्ज ना करें

आप ये जानकर चौंक सकते हैं. लेकिन बैटरी यूनिवर्सिटी की सलाह है कि आप अपनी बैटरी को फुल चार्ज ना करें, कम से कम, जब तक जरूरी न हो. ऐसा इसलिए क्योंकि "लीथियम-लायन बैटरी को फुल चार्ज करने की जरूरत नहीं होती. वास्तव में, ये बेहतर है कि बैटरी को फुल चार्ज नहीं किया जाए क्योंकि हाई वोल्टेज से लंबी अवधि में बैटरी पर दबाव पड़ता है और इसके इस्तेमाल पर भी असर होता है."


ये बात आपको बेतुकी लग सकती है, खासतौर पर तब जब आपकी बिजली कुछ ही मिनटों की मेहमान है. लेकिन यकीन मानिए कि बैटरी के रसायनिक घटक खराब या हानिकारक तरीके से प्रतिक्रिया ना करें, यह उस पर नियंत्रण रखता है.

दिन में कई बार बैटरी को चार्ज करें

कस कर चार्ज करने से बेहतर है कि जब आपकी बैटरी कम होने लगे तो बैटरी यूनिवर्सिटी की सलाह है कि इसे दिन भर में कई बार चार्ज करें. वेबसाइट के अनुसार, ये ज्यादा आदर्श स्थिति होगी कि जब आपकी बैटरी घट कर 10% पर पहुंच जाए तो इसे चार्ज कर लें. हालांकि जब आप बाहर होते हैं तो ऐसा करना सुविधाजनक नहीं होता पर बैटरी लाइफ के लिए यही अच्छी स्थिति है.

आप ऐसा भी कर सकते हैं कि आपको जब भी मौका मिले अपने डिवाइस को प्लग में लगाएं और दिन में कई बार बैटरी को डिसकनेक्ट कर दें. ऐसा करने से आपकी बैटरी न केवल बेहतर कंडीशन में रहेगी बल्कि इससे आप जीपीएस जैसे ऐप्लिकेशन और एनर्जी-कनसर्विंग फीचर्स को अधिक लंबे समय तक इस्तेमाल कर सकते हैं.

इसे कूल रखें

शायद आपने ध्यान दिया होगा कि स्मार्टफोन को गर्मी पसंद नहीं है. उदाहरण के लिए, आईफोन यूजर्स जब अपने डिवाइस धूप में छोड़ देते हैं तो उन्हें मैसेज आता है कि आपका फोन ओवरहीट हो रहा है. ओवरहीटिंग से बचने के लिए अच्छा होगा कि आप स्मार्टफोन को छाया में रखें या धूप में रहने से बच नहीं सकते तो इसे ढंक दें.

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