ट्रंप के खिलाफ गूगल के कर्मचारी सड़क पर उतरे

ट्रंप के खिलाफ गूगल के कर्मचारी सड़क पर उतरे
दुनिया की दिग्गज इन्टरनेट और टेक कंपनी गूगल के हजारों कर्मचारी अमेरिकी प्रेजिडेंट के खिलाफ सड़क पर उतर चुके हैं.

(CCM) — अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के नए ऑर्डर के तहत कुछ विशेष देशों के प्रवासियों को वतन छोड़ने को कह दिया गया है. भविष्य में इन देशों की संख्या और भी बढ़ सकती है. इसकी वजह से गूगल के 187 कर्मचारियों को अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है.

गूगल की मुख्य कंपनी एल्फाबेट के दो हजार से ज्यादा कर्मचारी गूगल के मुख्यालय में इकठ्ठा हुए जहाँ उनको भारतीय मूल के सीईओ सुन्दर पिचाई और कंपनी के सह-संस्थापक सर्जे ब्रिन ने भाषण दिया. खास बात यह है की यह दोनों ही अमेरिका में बतौर प्रवासी ही रह रहे हैं. ब्रिन रूस के रहने वाले हैं और कम उम्र में ही अमेरिका में आ गए थे जहां उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी खोलने में एक अहम भूमिका निभाई. कंपनी के सीईओ पिचाई ने अन्य देश में रह रहे कंपनी के कर्मचारियों को तत्काल अमेरिका लौटने के आदेश दे दिया है.

अपने छोटे से भाषण में पिचाई ने कहा, "इस वीसा पॉलिसी के असर से हम सभी परेशान हैं." इस मौके पर उन कर्मचारियों ने भी भाषण दिया जो ट्रंप सरकार के नए नियम की वजह से काफी परेशान हैं.

वैसे गूगल ने अपने कर्मचारियों की मदद के लिए मात्र कुछ घंटों में ही दो मिलियन डॉलर यानी 13 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम जुटा ली है. कंपनी ने प्रवासियों की मदद के लिए राहतकोष भी शुरू किया है जिसमे अब 26 करोड़ रुपए से ज्यादा रूपए इकठ्ठा हो चुके हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सीरिया, सूडान समेत 6 देशों के प्रवाशियों का उनके देश में आने से बैन लगा दिया गया है जिसके बाद हर तरफ उनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं.

Photo: © Benny Marty - Shutterstock.com
आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.
यह भी पढ़ें
  • ट्रंप के खिलाफ गूगल के कर्मचारी सड़क पर उतरे