Truecaller में बग, आपके अकाउंट को खतरा!

स्वर्णकांता - 31 जुलाई, 2019 - अपराह्न 07:08 IST बजे
Truecaller में बग, आपके अकाउंट को खतरा!
Truecaller ऐप के लेटेस्ट वर्जन में बग पाया गया है.

(CCM) — ट्विटर पर कई यूज़र्स ने शिकायत की है कि बिना उनकी अनुमति के जाना-माना कॉलर आइडेंटिफिकेशन ऐप Truecallerसअपने यूपीआई पेमेंट सर्विस Truecaller Pay के लिए उन्हें साइन-अप कर रहा है. हालांकि कंपनी ने इसके लिए माफी मांगी है और बग को फिक्स कर दिया गया है.

यदि आप ग्लोबल फोन डायरेक्टरी ट्रूकॉलर ऐप इस्तेमाल करते हों तो सावधान हो जाएं. मंगलवार को इसके लेटेस्ट वर्जन में बग मिला. इसे यूजर्स के अकाउंट की सुरक्षा के लिए खतरनाक बताया गया.

भारत में Truecaller के 10 करोड़ यूजर्स हैं. मंगलवार को Truecaller ऐप का इस्तेमाल करने वाले कई एंड्रॉयड फोन यूजर्स के बीच तब अफरा-तफरी मच गई जब उन्हें एक टेक्स्ट मैसेज मिला.

Truecaller ऐप यूजर जेनरेटेड कंटेन्ट ऐप है जो अपने डेटाबेस में टेलीफोन नंबर के रजिस्ट्रेशन डिटेल को सेव रखता है. इसका एक फीचर है, Truecaller Pay. ये फीचर किसी भी दूसरे पेमेंट ऐप्लिकेशन की ही तरह यूपीआई आधारित लेन-देन मुहैया कराता है. ये मामला तब सामने आया जब ऐप को अपडेट किया गया.

यूजर्स ने अपने फोन पर जब ऐप के लेटेस्ट वर्जन 10.41.6. को अपडेट किया. कई यूजर्स ने शिकायत की कि अपडेट करने के बाद अपने आप UPI से रजिस्ट्रेशन होने लगा. कंपनी ने भी लेटेस्ट अपडेट में बग आने की बात मानी है.

प्रभावित यूजर्स को ICICI बैंक से एसएमएस मिलने लगे. ये मैसेज सोमवार की शाम से मंगलवार की सुबह तक आए. इसमें कहा गया, “मैसेज में कहा गया कि UPI यानी यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस ऐप के साथ आपका रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है, और यूपीआई ट्रांजेक्शन के लिए आपका बैंक अकाउंट ICICI बैंक के पोर्टल से जोड़ दिया गया है. यदि ये आपकी ओर से नहीं किया गया है तो अपने बैंक को रिपोर्ट करें. किसी भी तरह की वित्तीय गड़बड़ी के लिए अपने कार्ड की डिटेल/OTP/CVV किसी के साथ शेयर ना करें.”

सोशल मीडिया पर फीडबैक आने के बाद कंपनी ने तुरंत अपडेट को रोक दिया है. कंपनी ने एक बयान में कहा, “हमें ट्रूकॉलर के लेटेस्ट अपडेट में बग मिला जो पेमेंट फीचर को प्रभावित कर रहा था. हमने ये अपडेट वापस ले लिया है ताकि किसी यूजर को कोई परेशानी ना हो.”

इस बारे में एनपीसीआई के एमडी और सीईओ दिलीप एसबे ने साफ किया, “कस्टमर की इजाजत के बिना ऐप ने गलती से यूजर को एनरॉल किया. वैसे कस्टमर इससे किसी तरह का यूपीआई ट्रांजैक्शन नहीं कर सकते. ऐसा करने के लिए पहले OTP डालना होता है, फिर डेबिट कार्ड की डिटेल डालनी होती है और आखिर में UPI पिन सेट करना होता है. ये गलती या बग एनरॉलिंग तक ही सीमित थी. इससे किसी कस्टमर के अकाउंट की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं था.”

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