FaceApp हुआ वायरल, मगर जरा बच के!

स्वर्णकांता - 18 जुलाई, 2019 - अपराह्न 04:39 IST बजे
FaceApp हुआ वायरल, मगर जरा बच के!
वायरल FaceApp पर यूजर्स की प्राइवेसी से जुड़े सवाल उठे.

फोटो एडिटिंग ऐप FaceApp का ओल्ड एज फिल्टर आजकल सुर्खियों में है. इसे अब तक तकरीबन 10 करोड़ लोग डाउनलोड कर चुके हैं. पर ऐप अब यूजर की सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर ये सवालों के घेरे में है.

लेटेस्ट अपडेट ये है कि फेसऐप ने भारतीय यूजर्स को ब्लॉक कर दिया है. वैसे ऐप अभी भी एंड्रॉयड और आईओएस पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है. इसे गूगल प्ले और ऐप्पल के ऐप स्टोर से लिया जा सकता है.

साल 2017 में लॉन्च किए गए FaceApp में कई सारे फिल्टर्स हैं. फिलहाल वो अपने 'old age' वाले फिल्टर के कारण सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

फेसऐप एक ओर तो सोशल मीडिया पर बहुत ही तेजी से ट्रेंड कर रहा है, और दूसरी ओर इससे जुड़े यूजर्स की प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं. अमेरिकी सांसद ने FaceApp को सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बताते हुए इसकी जांच की मांग की है. बता दें कि इसे रूसी डेवलपर ने तैयार किया है.

दरअसल रूसी फेस एडिटिंग फोटो एप्लिकेशन FaceApp की मदद से आप अपने फेसियल एक्सप्रेशन यानी चेहरे के हाव-भाव, लुक्स और उम्र को बदल सकते हैं. यह ऐप आर्टिफिशल इंटेलीजेंस की मदद से किसी व्यक्ति को जवान या बूढ़ा दिखा सकता है.

अभी फेसऐप 'old age' फिल्टर के कारण सुर्खियों में है. फेसबुक और ट्विटर पर ढेर सारे यूजर्स और मशहूर हस्तियां ओल्ड फिल्टर के साथ अपने बुढ़ापे की तस्वीर पोस्ट कर रहे हैं. इनमें क्रिकेटर्स, फुटबॉलर्स और अर्जुन कपूर, करीना कपूर जैसे फिल्म स्टार भी शामिल हैं. ट्विटर पर ये #faceappchallenge के साथ ट्रेंड कर रहा है.

जाहिर है कि हम-आप जैसे यूजर्स भी इस दीवानगी में शामिल हो चुके हैं. पर क्या आपने कभी सोचा है कि FaceApp आपकी तस्वीर के साथ क्या कर सकता है. आइए जानते हैं कि जब आप अपनी फोटो FaceApp के सर्वर पर सबमिट कर देते हैं तब साथ क्या होता है?

ट्विटर यूजर जेम्स व्हाटली ने फेसऐप के नियमों और शर्तों का एक हिस्सा शेयर किया है. ये कहता है, जैसे ही आप इस ऐप के एआई मोडिफिकेशन मैजिक का इस्तेमाल करते हैं, आप ऐप को अपनी किसी भी तस्वीर का इस्तेमाल करने, उसे मोडिफाई करने, एडाप्ट और पब्लिश करने की इजाजत दे देते हैं.

ऐप की पॉलिसी में कहा गया है, "आप फेसऐप को अपने कंटेंट का अपरिवर्तनीय, नॉनएक्सक्लूसिव, रॉयल्टी फ्री, वर्ल्डवाइड, फुलीपेड, ट्रांसफरेबल लाइसेंस देते हैं. इस लाइसेंस के जरिए यूजर की तस्वीर को रीप्रोड्यूस, मोडीफाई, एडाप्ट, पब्लिश और ट्रांसलेट किया जा सकता है." इसका साफ-साफ मतलब ये है कि आपकी तस्वीर का भविष्य में सार्वजनिक तौर से भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इस पॉलिसी से हम समझ सकते हैं कि हमारी तस्वीरों को टेलिमार्केटिंग, ऐड और मार्केटिंग जैसी चीजों में यूज किया जा सकता है.

FaceApp किसी भी मीडिया फॉरमैट में आपके नाम, यूजरनेम और किसी भी दूसरी तरह की बतायी गयी पसंद को एक्सेस करता है. और इसके लिए आपको कोई पैसे नहीं दिए जाते. यही नहीं, आप बाद में न तो इसके बारे में शिकायत कर सकते हैं, न ही इसे वापस लेने लायक बचे रहते हैं.

ऐसा इसलिए है क्योंकि FaceApp प्रोसेसिंग के लिए आपकी तस्वीर को क्लाउड में अपलोड करता है. ये दूसरे कई ऐप की तरह ऑन-डिवाइसेज प्रोसेसिंग नहीं करता. ऐसा करने से आपकी तस्वीरें, भले आपने काफी पहले इस ऐप को डिलीट कर चुके हों, उसके पास लंबे समय तक बनी रहती हैं. और इस बात से ऐप का इस्तेमाल करने वाले लोग अवेयर नहीं हैं.

जानी-मानी टेक वेबसाइट TechCrunch के मुताबिक एक आईओएस यूजर ने फेसऐप का इस्तेमाल किया. पर जब बाद में उसने अपने फोटो परमिशन ऑप्शन को “never” पर सेट कर दिया, इसके बावजूद ऐप फोटो को एक्सेस करने में कामयाब रहा, ये कतई अच्छे संकेत नहीं हैं.

इस तरह की घटना बताती है कि हम और आप 'फ्री' सर्विस के मोहजाल में फंस कर अपनी न जाने कितनी ही अहम जानकारियों को खतरे में डाल रहे हैं.

Photo: © Instagram.