WhatsApp पर बल्क मैसेज भेजते हैं तो, सावधान!

स्वर्णकांता - 14 जून, 2019 - अपराह्न 06:52 IST बजे
WhatsApp पर बल्क मैसेज भेजते हैं तो, सावधान!
WhatsApp पर थोक मैसेज भेजने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी.

(CCM) — लोकप्रिय चैट ऐप WhatsApp पर ज्यादा मैसेज भेजने वालों को अदालत के चक्कर काटने होंगे. कंपनी 7 दिसंबर के बाद बल्क और ऑटोमेटेड मैसेज भेजने वालों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे.

व्हाट्सएप ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा है कि वह उन लोगों के अकाउंट बंद करेगी जो बल्क यानी थोक भाव से मैसेज भेजते हैं. पिछले कुछ सालों से थोक मैसेज का ट्रेंड चल रहा है.

कंपनी के मुताबिक, "7 दिसंबर, 2019 के बाद जो भी हमारी शर्तों का उल्लंघन करता है और ऑटोमेटेड या बल्क मैसेजिंग, या इसका नॉन-पर्सनल उपयोग करता हुआ पाया जाता है, व्हाट्सऐप उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा."

WhatsApp ने ये कदम उस रिपोर्ट के आने के बाद उठाया है, जिसमें बताया गया है कि भारत में पिछले दिनों हुए लोकसभा चुनाव में ऐप का गलत इस्तेमाल किया गया. चुनावों के दौरान सामने आया था कि कुछ फ्री क्लोन ऐप और सॉफ्टेवयर टूल के जरिए बड़ी संख्या में WhatsApp मैसेजेस भेजे जा रहे हैं.

लोकसभा चुनाव से पहले फेक न्यूज के कारण भी कंपनी को कड़ी आलोचना का शिकार होना पड़ा था. हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं हुआ है कि कंपनी ऐसा करने वालों के खिलाफ किस तरह की कानूनी कार्रवाई करेगी. और ये भी कि ये कार्रवाई किसी खास देश में ही की जाएगी या, सभी जगह. माना जा रहा है कि व्हाट्सऐप का ये ऐलान फेक न्यूज पर लगाम कसने की ओर एक और कदम है.

इस साल के शुरू में कंपनी ने भारत में फेक न्यूज के बढ़ते चलन के कारण यहां मैसेज फॉरवर्डिंग की संख्या को सीमित कर 5 कर दिया था. इसके बाद से लोग अब एक बार में केवल 5 लोगों को ही मैसेज फॉरवर्ड कर सकते हैं.

व्हाट्सऐप ने जनवरी, 2019 में दुनियाभर के यूजर्स के लिए भी मैसेज फ़ॉरवर्ड करने की सीमा तय कर दी. अब एक यूजर एक मैसेज को अधिकतम पांच बार ही शेयर कर सकेंगे. अब तक दुनियाभर में यूजर 20 बार मैसेज फ़ॉरवर्ड कर सकते थे.

भारत में व्हाट्सऐप के चाहने वालों की तादाद काफी बड़ी है. यहां इसे करीब 20 करोड़ से अधिक लोग इस्तेमाल करते हैं.

2017 में कई मॉब लिंचिंग की घटनाएं ऐप पर फेक मैसेज के फैलने से हुई थीं. इसके बाद व्हाट्सऐप ने ये कदम उठाया था. केंद्र सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया और वॉट्सऐप को इस पर लगाम लगाने का आदेश दिया गया.

व्हाट्सऐप ग्रुप में सदस्यों की संख्या 256 तक हो सकती है. इस फीचर के कारण ये परिवार और दोस्तों के बड़े समूहों में काफी लोकप्रिय हुआ है. लोग इसके जरिए अपनी योजना, जोक्स शेयर करते हैं. लेकिन साथ ही, वे पॉलिटिकल मैसेज और वीडियो भी बड़े पैमाने पर शेयर करते हैं. इससे लोगों के बीच गलत जानकारी फैलने की संभावना कई गुना बढ़ गई है. ऐसे में थोक मैसेजेज भेजने पर लगाम कसने के बाद स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है.

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