लोकसभा चुनावः WhatsApp पर फेक़ मैसेज की खैर नहीं

स्वर्णकांता - 3 अप्रेल, 2019 - अपराह्न 02:33 IST बजे
लोकसभा चुनावः WhatsApp पर फेक़ मैसेज की खैर नहीं
WhatsApp ने फेक न्यूज को रोकने के लिए स्पेशल फीचर शुरू किया.

(CCM) — फेसबुक के मालिकाना हक वाला लोकप्रिय चैट ऐप WhatsApp अब झूठी खबरों, मैसेज, वीडियो पर रोक लगाने के लिए 'Checkpoint Tipline' फीचर लेकर आया है. फेक लगने वाले मैटर को 9643000888 पर भेजना होगा.

भारत में आम चुनाव नजदीक है. चुनाव के दौरान झूठी खबरें सोशल मीडिया पर परेशानी का सबब बन जाती हैं. चुनाव के दौरान फेक न्यूज, फोटो और मैसेज को लेकर काफी चिंताएं जताई जा रही थीं, पर इस बारे में कोई ठोस उपाया मौजूद नहीं था.

लोकसभा चुनावों को लेकर whatsapp ने बड़ा कदम उठाते हुए नया फीचर लॉन्च किया है. इस फीचर का नाम Checkpoint Tipline है. इसकी मदद से यूजर्स किसी मैसेज या जानकारी की सच्चाई का पता खुद ही लगा सकेंगे. इसके बारे में whatsapp ने एक बयान जारी करते हुए बताया है.

व्हाट्सऐप ने जारी बयान में कहा, "इस सेवा को भारत के एक मीडिया कौशल स्टार्टअप ‘प्रोटो’ ने पेश किया है. चेकप्वाइंट के लिए टिपलाइन चुनाव के दौरान झूठी खबरों, तस्वीरों के बारे में जानने के लिए डाटाबेस तैयार करने में मदद करेगा. चेकप्वाइंट व्हाट्सऐप के सहयोग से शुरू होने वाला एक रिसर्च प्रोजेक्ट है."

फेसबुक ने बयान में ये भी कहा कि भारत में लोग यानी व्हाट्सऐप यूजर किसी तरह का फेक या भड़काऊ मैसेज की पड़ताल करने के लिए उसे +91-9643-000-888 नंबर पर चेकप्वाइंट टिपलाइन को भेज सकते हैं. ये सुविधा फिलहाल हिंदी, तेलुगू, मलयालम और बंगाली भाषा में उपलब्ध हो गई है.

व्हाट्सऐप यूजर की ओर से झूठे मैसेज को टिपलाइन पर एक बार शेयर किए जाने के बाद प्रोटो का वेरिफिकेशन सेंटर इसकी जांच करेगा. जांच के बाद वो यूजर को बताएगा कि मैसेज में दी गई जानकारी सही है, या गलत.

टिपलाइन चुनाव के दौरान गलत जानकारियों एवं अफवाहों का डाटाबेस तैयार करेगी. इससे चुनाव के दौरान ‘चेकप्वाइंट’ के लिए इन जानकारियों का अध्ययन किया जा सकेगा. चेकपॉइंट एक शोध परियोजना के तौर पर चालू की गई है जिसमें व्हाट्सएप की ओर से तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है.

चेकप्वाइंट खबरों पर रिसर्च करके उन्हें सही, गलत, विवादित, आउट ऑफ स्कोप जैसी श्रेणी में बांट देगी. रिसर्च सेंटर में तस्वीर, वीडियो के लिंक और टेक्सट को वेरिफाई किया जाएगा.

बता दें कि बीते सोमवार को फेसबुक ने अलग अलग दलों से जुड़े फेक न्यूज और भ्रामक जानकारियां फैलाने वाले कई पेज को डिलीट किया है और उनके खिलाफ कार्रवाई भी की है. इधर ट्विटर ने भी फेक और भड़काऊ जानकारी के खिलाफ कदम उठाने का आश्वासन दिया है.

पिछले कुछ दिनों से फेक न्यूज, मैसेज और फोटो को लेकर whatsapp लगातार आलोचनाओं के घेरे में है. फेक न्यूज के कारण भारत में मॉब लिन्चिंग जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं. इसके बाद सरकार ने whatsapp को कड़े कदम उठाने का आदेश दिया था.

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