SIM Swap से हैकरों ने की करोड़ों की ठगी

स्वर्णकांता - 4 जनवरी, 2019 - अपराह्न 05:34 IST बजे
SIM Swap से हैकरों ने की करोड़ों की ठगी
भारत में एक कारोबारी से हैकरों ने एक ही रात में करोड़ों रुपए उड़ा लिए हैं.

(CCM) — भारत में सिम धोखाधड़ी के कारण मुंबई के एक कारोबारी को 1.86 करोड़ रुपये की चपत लग गई. कारोबारी के खाते से ये रकम 28 अलग-अलग खातों में ट्रांसफ़र किए गए हैं.

मामला 27-28 दिसंबर की रात का है. वी. शाह नाम के कारोबारी के फोन पर रात 11 बजे से 2 बजे के बीच 6 मिस कॉल किए जाते हैं. एक कॉल इंग्लैंड के कोड +44 से होता है. सुबह शाह को पता चलता है कि उनका फोन काम नहीं कर रहा. वे मोबाइल कंपनी को फोन करते हैं तो पता चलता है कि नए सिम के लिए रिक्वेस्ट के बाद पुराना सिम डिएक्टिवेट कर दिया है.

वी. शाह को पता चलता है कि RTGS/NEFT के जरिए अनजान व्यक्ति ने उनके अकाउंट से कम से कम 1.86 करोड़ रुपये निकाल लिए गए हैं. उस व्यक्ति ने ये पैसे दिल्ली, पश्चिम बंगाल, झारखंड और कुछ उत्तरी भारत के बैंकों के 24 खातों में पैसे ट्रांसफर किए.

कारोबारी और बैंक की कोशिशों से केवल 20 लाख रुपये ही रिकवर हो पाए हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ये धोखाधड़ी सिम स्वैपिंग के जरिए की गई है. पुलिस के मुताबिक सिम की क्लोनिंग करके आराम से हैकिंग की जा सकती है. हैकर धोखे से सारी जानकारी हासिल कर पीड़ित व्यक्ति का दूसरा सिम कार्ड बनवा लेते हैं और फिर O.T.P के जरिए पैसे अकाउंट से उड़ा लिए जाते हैं.

सिम स्वैपिंग कैसे होती है? सिम स्वैपिंग यानी सिम बदलना. सिम स्वैप कोई नई तकनीक नहीं है. इसे हम काफी समय से प्रयोग में लाते रहे हैं. जब भी कभी 2G से 3G या फिर 4G सिम कार्ड की अदला बदली की जाती है तो इसे सिम स्वाइप के जरिए किया जाता है. यूजर का नंबर पहले वाला ही रहता है. इसी तकनीक की मदद से नैनो सिम कार्ड भी जारी किए जाते हैं.

सिम स्वाइप करने के लिए किसी भी व्यक्ति को सिम कार्ड के पीछे दिए गए 20 अंकों के यूनिक नंबर की जरूरत पड़ती है. इसलिए यदि आप सिम स्वैपिंग से बचना चाहते हैं तो अपने इस यूनिक नंबर को किसी से भी शेयर ना करें.

Photo: © iStock.