Kimbho: रामदेव ने लांच किया स्वदेशी मैसेजिंग ऐप

स्वर्णकांता - 31 मई, 2018 - पूर्वाह्न 11:41 IST बजे
Kimbho: रामदेव ने लांच किया स्वदेशी मैसेजिंग ऐप
बाबा रामदेव की पतंजलि ने देसी मैसेजिंग ऐप Kimbho लॉन्च किया है.

(CCM) — सिम कार्ड के बाद योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि ने Kimbho नाम का एक स्वदेशी मैसेजिंग ऐप लॉन्च किया है. कंपनी का दावा है कि यह WhatsApp से मुकाबला करेगा. गूगल प्ले से किम्भो लॉन्च के एक दिन के भीतर 10000 बार डाउनलोड किया जा चुका है.


आयुर्वेदिक कंपनी पतंजलि के प्रवक्ता एस के तिजारावाला ने ट्वीट किया है, "अब भारत बोलेगा. सिम कॉर्ड लॉन्च करने के बाद बाबा रामदेव नया मैसेजिंग ऐप, किम्भो लेकर आए हैं. अब व्हाट्सऐप से मुकाबला होगा. आप हमारे #SwadeshiMessagingplatform को गूगल प्ले से डाउनलोड कर सकते हैं."

सरकारी कंपनी बीएसएनएल के साथ मिलकर स्वदेशी समृद्धि सिम कार्ड लॉन्च करने के बाद अब बाबा रामदेव सोशल मीडिया क्षेत्र में भी अपना असर दिखाना चाहते हैं। उन्होंने किम्भो को देसी मैसेजिंग ऐप का नाम दिया है.

27 मई को राम देव ने सरकारी कंपनी बीएसएनएल के साथ मिलकर पतंजली-बीएसएनएल स्वदेशी समृद्धि सिम कॉर्ड लाई थी. शुरू में इस सिम कार्ड का फायदा केवल पतंजलि से जड़े कर्मचारी और लोग ही उठा सकते हैं. बाद में इस कार्ड को खरीदने वाले दूसरे यूजर्स को पतंजलि प्रोडक्ट्स पर 10 फीसदी की छूट मिलने लगी.

“अब भारत बोलेगा” टैगलाइन वाले किम्भो की बात करें तो इसके बारे में गूगल प्ले स्टोर पर लिखा है, "किम्भो एक रियल मैसेजिंग ऐप है. इससे प्राइवेट और ग्रुप चैट की जा सकती है. वॉयस कॉलिंग और वीडियो कॉलिंग की भी सुविधा होगी. ऐप में दर्जनों ऐसी खूबियां हैं जो आपको चकित कर देंगी. इनमें टेक्सट, ऑडियो, फोटो, वीडियो, स्टिकर, क्विकर, लोकेशन, जीआईएफ़, डूडल आदि से जुड़े फीचर्स शामिल हैं."

प्ले स्टोर के मुताबिक पतंजलि कम्युनिकेशन का दावा है कि यह ऐप तेज है. इसमें नई सॉकेट तकनीक है जो इंस्टेंट और रीयल टाइम मैसेजिंग की सुविधा देती है. इसके अलावा भेजे गए हर मैसेज को एईएस से एनक्रिप्ट किया गया है. किम्भो घोस्ट चैटिंग और ऑटो डिलीट मैसेज जैसे फीचर को सपोर्ट करेगी.

इसके अलावा, गूगल प्ले पर पतंजलि कम्युनिकेशन ने यूजर्स की प्राइवेसी का दावा किया है. कंपनी का कहना है कि किम्भो यूजर से जुड़ी कोई भी जानकारी अपने सर्वर या क्लाउड पर स्टोर नहीं करती है.

पर लॉन्च के मात्र कुछ घंटों के बाद ही इस ऐप को प्लेस्टोर से हटा दिया गया है. पतंजलि के अनुसार इस ऐप को मिल रहे अभूतपूर्व प्रतिक्रिया और डाउनलोड की वजह से ऐसा हुआ है. इस सम्बन्ध मे प्लेस्टोर की तरफ से कोई बयान नहीं आया है.

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