कई राज्यों के ATM-बैंक में कैश खत्म, RBI ने कमिटी बनाई

Swarnkanta - 17 अप्रेल, 2018 - अपराह्न 12:35 IST बजे
कई राज्यों के ATM-बैंक में कैश खत्म, RBI ने कमिटी बनाई
उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश से लेकर गुजरात तक कई शहरों के ATM और बैंकों में कैश खत्म हैं.

(CCM) — भारत में कई राज्यों के बैंकों और ATM में नकदी खत्म होने की शिकायतें आने के बाद एक बार फिर से नोटबंदी जैसे हालात बनते जा रहे हैं. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कैश संकट से निपटने के लिए कमिटी बनाई है.


वित्त मंत्री अरूण जेटली का कहना है, "कैश की कोई किल्लत नही हैं, ये अलग बात है कि कहीं कम है तो कहीं ज्यादा है. नो कैश की समस्या 2-3 दिन में ठीक हो जाएगी. ऐसा कुछ इलाको में पैसों की मांग अचानक और असामान्य तरीके से बढ़ने के कारण हुआ है."

कुछ जगह एटीएम में निकासी पर कैश निकासी की सीमा तय कर दी गई है. नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के समय कैश के लिए एटीएम और बैंकों के बाहर घंटों लाइन में लगना पड़ा था. अब एक बार फिर से कैश की भारी किल्लत झेलनी पड़ सकती है. बताया जा रहा है कि इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नोटों की सप्लाई कम कर दी है.

सूत्रों के मुताबिक आरबीआई ने बैंकों के लिए कैश फ्लो 25 फीसदी तक कम कर दिया है और माना जा रहा है ये सब एक प्लान के तहत है. इस वजह से देश के कई शहरों में एटीएम या तो खाली हैं, या उनके शटर डाउन हैं. आने वाले दिनों में ये स्थिति और भी खराब हो सकती है.

दरअसल नोटबंदी में तो डिजिटल ट्रांजैक्शन ने खूब जोर पकड़ा लेकिन चार महीने बाद अब फिर से कैश ज्यादा चल रहा है. अब डिजिटल ट्रांजैक्शन को फिर से बढ़ाने के लिए कैश की सप्लाई घटा दी गई है. जाहिर है आरबीआई के इस कदम से लोगों की परेशानी बढ़ गई है.

पश्चिमी- दक्षिण भारत के राज्यों में नकदी की ज्यादा कमी देखने को मिल रही है. कई बड़े सरकारी बैंकों में जमा के मुकाबले निकासी ज्यादा हो रही है.

पिछले दिनों डिजिटल ट्रांजैक्शन की जगह लोग नकदी का इस्तेमाल ज्यादा करते दिखे हैं. इसी नकदी का इस्तेमाल रोकने के लिए आरबीआई ने सप्लाई घटाने का फैसला किया है. निजी बैंकों में नकदी की कमी ज्यादा देखने को मिल रही है. कैश की इस किल्लत के बारे में बैंकों का तो कहना है कि पिछले एक महीने से ही कैश कम आ रहा है.

कई बैंकों की शाखाओं से भी लोगों को निराश लौटना पड़ रहा है. कहा जा रहा है कि बैंकों में बढ़ते एनपीए ने बैंकिंग प्रणाली को हिला कर रख दिया है. बैंकों की साख पर सवाल खड़ा हो गया है. इन्हें उबारने के लिए खातों में जमा रकम के इस्तेमाल की अटकलों ने ग्राहकों को डरा दिया है. ऐसे में पैसा निकालने की प्रवृत्ति एकाएक बढ़ गई है और एटीएम पर दबाव चार गुना तक बढ़ गया है.

बिहार के मुजफ्फरपुर के बैंकों के करेंसी चेस्टों से समस्तीपुर, दरभंगा, गोपालगंज, सारण, सीवान, पूर्वी व पशिचमी चंपारण को नकदी दी जाती है. पिछले डेढ़ माह से इन जिलों में कैश की आपूर्ति नहीं हो रही है. इस कारण यहां भी कैश संकट गहरा गया है.

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