रूस में Telegram पर लगा बैन

रत्नेंद्र अशोक - 13 अप्रेल, 2018 - अपराह्न 11:58 IST बजे
रूस में Telegram पर लगा बैन
फेमस इंस्टेंट मैसेंजर प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को रूस में बैन कर दिया गया है.

(CCM) — दुनिया के सबसे ज्यादा यूज किए जाने वाले इंस्टेंट मैसेंजर ऐप में से एक टेलीग्राम को रूस में बैन कर दिया गया है. यह निर्णय रूस के ही एक कोर्ट ने सुनाया है. रूसी सरकार और Telegram के डेवेलपर के बीच यूजर की प्राइवेसी से जुड़े एक अहम मुद्दे पर बहुत दिनों से बहस चल रही थी.


असल में रूस की सरकार चाहती थी कि उनको जरुरत पड़ने पर Telegram में दो यूजर के बीच होने वाले संवाद या चैट को देखने की अनुमति मिले. पर टेलीग्राम के निर्माताओं में इस बात को पूरी तरह से खारिज कर दिया. WhatsApp की ही तरह Telegram भी Encrypted चैट सर्विस देता है. यानी दो यूजर के बीच की चैट को उन दोनों के अलावा कोई तीसरा नहीं पढ़ सकता है.

रूसी कानून के अनुसार इंटरनेट पर किसी प्लेटफॉर्म द्वारा शेयर की जाने वाली सभी सूचनाओं को एक्सेस करने का अधिकार सरकारी एजेंसियों को देना जरुरी है. सरकारी एजेंसियों का मानना है कि टेलीग्राम के माध्यम से आतंकी और चरमपंथी सूचनाओं का आदान प्रदान कर सकते हैं. रूसी सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें "आतंकवादी घटनाओं और अन्य गंभीर अपराधों से निपटने के लिए" Telegram के मैसेज को पढने की "अनुमति जरुर मिलनी चाहिए".

टेलीग्राम ने रूसी अधिकारीयों की बात को सिरे से खारिज कर दिया. कंपनी ने बताया कि वो इससे यूजर की प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है. इसी के बाद मास्को स्थित कोर्ट ने टेलीग्राम को बैन कर दिया. अभी तक इस बात की खबर नही है कि यह निर्णय टेलीग्राम के मौजूदा यूजर को कैसे प्रभावित करेगा. पर ऐसा संभव है कि रूस की इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनीयां सीधे Telegram का एक्सेस बैन कर देंगी.

वैसे टेलीग्राम रूस का स्वदेशी इंस्टेंट मैसेंजर ब्रांड है. इसको रूस के इंजीनियरों की टीम ने ही डेवेलप किया है. यह ऐप रूस के सबसे ज्यादा पॉपुलर इंस्टेंट मैसेंजर प्लेटफॉर्म में से एक है. इसको रूस के पावेल दुरोव ने बनाया था. उनके अनुसार रूस की FSB इंटेलिजेंस एजेंसी देश के यूजर के प्राइवेसी अधिकारों का उल्लंघन करने की कोशिश कर रही है. वहीँ इंटेलिजेंस एजेंसी का मानना है कि इसके सहायता से उन्हें आतंकियों से निपटने में आसानी होगी.

पिछले महीने टेलीग्राम ने रुसी इंटेलिजेंस एजेंसियों की मांग के खिलाफ देश के सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था. पर वहां पर कंपनी की याचिका को रिजेक्ट कर दिया गया था.

टेलीग्राम 2013 में लॉन्च हुआ था. आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2018 में दुनियाभर में 200 मिलयन यानी 20 करोड़ लोग टेलीग्राम यूज कर रहें हैं. पर इस ऐप के गढ़ यानी रूस में इस पर पाबन्दी के बाद यह आंकड़ा नीचे गिर सकता है.

Image: © prykhodov - 123rf.com