Google ने क्रिप्टोकरेंसी विज्ञापनों पर लगाई रोक

Swarnkanta - 15 मार्च, 2018 - पूर्वाह्न 10:22 IST बजे
Google ने क्रिप्टोकरेंसी विज्ञापनों पर लगाई रोक
Google ने अपनी विज्ञापन पॉलिसी बदलते हुए बिटकॉइन जैसे क्रिप्टोकरेंसी के विज्ञापनों पर रोक लगाने का फैसला किया है.

(CCM) — दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन Google ने ऐलान किया है कि वो सर्च रिजल्ट और YouTube पर जून 2018 से क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े सभी विज्ञापनों को ब्लॉक कर देगी.


कंपनी ने अपनी वित्तीय सर्विसेज से जुड़ी विज्ञापन पॉलिसी को बदलते हुए जिन विज्ञापनों पर रोक लगाई है उनमें क्रिप्टोकरेंसी, सट्टेबाजी और बाइनरी ऑप्शंस से जुड़े विज्ञापन हैं. गूगल डायरेक्टर (सस्टेनबल एड्स) स्कॉट स्पेंसर ने ब्लॉग पोस्ट में बताया कि नई पॉलिसी के तहत अब गूगल पर पर इस तरह के विज्ञापनों पर रोक लगेगी. कंपनी की पोस्ट के मुताबिक जून 2018 से नई विज्ञापन पॉलिसी लागू होगी.

स्कॉट के मुताबिक गूगल के पास कोई क्रिस्टल बॉल नहीं है जिससे पता लगाया जा सके कि क्रिप्टोकरेंसीज का भविष्य क्या है? लेकिन गूगल चाहता है कि यूजर्स को नुकसान न हो. इससे पहले फेसबुक ने इसी साल क्रिप्टोकरेंसी पर रोक लगाई थी.

Google दुनिया का सबसे बड़ा ऐड प्रोवाइडर है. उसके इस फैसले से बिटकॉइन के भाव 9% गिर गए हैं. गूगल के इस कदम के बाद Facebook ने भी वैसे विज्ञापनों को कम कर दिया है जो क्रिप्टोकरेंसी और बाइनरी ऑप्शन से जुड़े सर्विसेज और वित्तीय उत्पादों को बढ़ावा देते हैं.

कंपनी का कहना है कि 2017 में उसने 3.2 अरब वैसे विज्ञापनों को हटा दिया था जिनमें कंपनी की पॉलिसी का उल्लंघन किया गया था. यह संख्या 2016 में बाहर किये गए 1.7 अरब विज्ञापनों से करीब दोगुनी है. गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट अपनी 84% आय विज्ञापन के जरिये जुटाती है.

पिछले दिनों क्रिप्टोकरेंसी में आए भारी उतार-चढ़ाव से कई निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. इसके अलावा ज्यादा मुनाफे के चक्कर में कई कंपनियां क्रिप्टोकरेंसी से जु़ड़े भ्रामक विज्ञापन दे रही हैं.

क्रिप्टोकरेंसी एक वर्चुअल करेंसी है. इसके बहुत से नाम हैं. लेकिन सबसे ज़्यादा प्रचलित और लोकप्रिय है बिटकॉइन. इस करेंसी को कोई रेगुलेट नहीं करता, ना ही इस पर किसी का ज़ोर है. यही वजह है कि बहुत से देशों में इस पर पाबंदी है.

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