क्या 1 जुलाई से 13 अंकों का हो जाएगा मोबाइल नंबर

स्वर्णकांता - 21 फ़रवरी, 2018 - अपराह्न 05:31 IST बजे
क्या 1 जुलाई से 13 अंकों का हो जाएगा मोबाइल नंबर
कई दिनों से अफवाह जोरों पर है कि 1 जुलाई से मोबाइल नंबर 13 अंकों का हो जाएगा.

(CCM) — भारत में जल्दी ही मोबाइल नंबर 13 अंकों के हो जाएंगे. लेकिन ये बदलाव आम मोबाइल नहीं, बल्कि M2M SIM कार्ड यानी मशीन-टू-मशीन कम्यूनिकेशन के लिए होगा. ये इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज के बीच डायरेक्ट कम्यूनिकेशन में इस्तेमाल होते हैं.


M2M SIM कार्ड्स या मशीन-टू-मशीन SIM कार्ड ऑटोमेटेड मशीन में इस्तेमाल किए जाते हैं. M2M SIM कार्ड को बड़े पैमाने पर उन मशीनों में लगाया जाता है जो नेटवर्क कनेक्टिविटी पैंर चलते हैं. ये मशीन छोटे गैजेट से लेकर बड़ी मशीनरी तक हो सकते हैं. इनकी पहचान ये है कि इन्हें अपने बुनियादी फंक्शन के लिए मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी या इंटरनेट की जरूरत होती है. इनका इस्तेमाल स्मार्टहोम, फ्लीट मैनेजमेंट, ट्रैफिक कंट्रोल, सप्लाई चेन, वियरेबल्स जैसे ऐप्लिकेशन में होता है.

भारतीय दूरसंचार निगम ने बुधवार को स्पष्ट किया है कि मोबाइल नंबर 13 डिजिट का करने का ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं हैं. और सोशल मीडिया और नई वेबसाइटों पर इससे जुड़ी खबर अफवाह है.

दरअसल दूरसंचार विभाग ने सभी संचार सेवा प्रदाता कंपनियों को निर्देश जारी किया है कि वे SIM वाले सभी M2M डिवाइस यानी मशीन-टू-मशीन कम्यूनिकेशन वाली डिवाइसों के लिए 13 डिजिट के नंबर जारी करें. साथ में 10 अंकों वाला नंबर भी मान्य रहेगा.

एक रिपोर्ट में बीएसएनएल ने बताया कि कंपनी M2M यानी मशीन-टू-मशीन कम्यूनिकेशन के लिए 13 डिजिट के नंबरों का इस्तेमाल करेगी. इसका आम मोबाइल नंबर से कोई संबंध नहीं है. शेयरधारकों की बैठक में कंपनी ने सभी को 1 जुलाई से पहले इसके अनुसार अपने सिस्टम को एडजस्ट करने की सलाह दी है.

भारत में Bharti Airtel, वोडाफोन, RCom और बीएसएनएल जैसे टेलीकॉम ऑपरेटर्स इंटरप्राइज कस्टमर्स के लिए M2M सर्विस मुहैया कराते हैं. उदाहरण के लिए Airtel की M2M सर्विस में Smart Metering, Asset Tracking Solutions, Equipment Monitoring Solutions और Traffic Management Solution आदि शामिल हैं.

M2M कम्यूनिकेशन में नेटवर्क डिवाइसों के बीच सूचनाओं का लेन-देन होता है. और इसी के आधार पर आगे की प्रक्रिया होती है. M2M कम्यूनिकेशन का इस्तेमाल आमतौर पर वेयरहाउस मैनेजमेंट, रोबोटिक्स, ट्रैफिक कंट्रोल, लॉजिस्टिक्स सर्विसेज, सप्लाई मैनेजमेंट, रिमोट कंट्रोल आदि में किया जाता है. साथ ही इंटरनेट के मामले में भी इसकी अहम भूमिका है.

दूरसंचार विभाग का आदेश है कि 1अक्टूबर से मौजूदा 10 अंकों के M2M नंबर से 13 अंकों में लाने का काम शुरू किया जाए. और इसे 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाए. दूरसंचार कंपनियों को इसके अनुसार ही बदलाव करने होंगे.

Photo: © shutterstock.