Aadhaar Card पर लगने वाला है चेहरे का 'ताला'

Swarnkanta - 15 जनवरी, 2018 - अपराह्न 03:33 IST बजे
Aadhaar Card पर लगने वाला है चेहरे का 'ताला'
Aadhaar Card में अब आंखों और उंगलियों के निशान के साथ चेहरा भी प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल होगा.

(CCM) — Aadhaar की सुरक्षा पर पिछले दिनों कई बार हमलें हुए. UIDAI ने आधार की संवेदनशील जानकारियां की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त लेयर तैयार किया है. कंपनी ने आंखों और उंगलियों के निशान के साथ चेहरे को भी प्रमाण के रूप में जोड़ दिया है.


दरअसल आधार के लिए बनाई गई बायोमेट्रिक पहचान में लोगों को दिक्कतें हो रही थीं. इन दिक्कतों को दूर करने UIDAI नई सर्विस शुरू कर रही है. कंपनी के मुताबिक चेहरे के जरिए पहचान का परीक्षण किया जा रहा है. सब सही रहने पर इसे 1 जुलाई 2018 को लागू किया जाएगा.

यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने इसके बारे में ट्वीट किया है. उन्होंने बताया कि इसके लिए चेहरे के साथ ही ओटीपी, आंखों की पुतलियों या फिर फिंगरप्रिंट से मैच किया जा सकेगा.

कंपनी के मुताबिक सिक्योरिटी की ये अतिरिक्त लेयर खासकर सीनियर सिटीजन और फिंगरप्रिंट नहीं दे पाने वालों के लिए होगी. ये नया फीचर दूसरे सिक्योरिटी फीचर के साथ ही लागू होगा. मतलब ये फिंगरप्रिंट, आइरिस या ओटीपी के साथ ही मान्य होगा. इसका ये मतलब नहीं है कि आपको इसके लिए आधार सेंटर जाकर फिर से चेहरे का सत्यापन करवाना है.

इससे पहले UIDAI ने आधार के लिए वर्चुअल आईडी और लिमिटेड केवाईसी की सुविधा शुरू की थी. ये सभी कदम आधार को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए किए जा रहे हैं. आधार में बायोमेट्रिक लॉक सिक्योरिटी के लिए अतिरिक्त सुरक्षा है.

आइए जानते हैं बायोमेट्रिक डाटा क्या है और ये क्यों जरूरी है. आप जब आधार कार्ड बनवाते हैं तो इस दौरान आप अपने फिंगरप्रिंट और रेटिना स्कैन डाटा को सरकार के साथ शेयर करते हैं. इसे ही बायोमेट्रिक डाटा कहा जाता है. आधार वेरिफिकेशन के लिए बायोमेट्रिक डाटा का इस्तेमाल होता है. उदाहरण के लिए अगर आप सिम खरीदने के लिए आधार कार्ड को पहचान पत्र के तौर पर दिखाते हैं तो ऐसे में आप फिंगरप्रिंट के ज़रिए टेलीकॉम कंपनी को पहचान पत्र के ब्योरे को एक्सेस करने दे सकते हैं.

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