जियो का एक साल, कंपनियां बेहाल और ग्राहक मालामाल

जियो का एक साल, कंपनियां बेहाल और ग्राहक मालामाल
रिलायंस जियो ने अपने शानदार एक साल पूरे कर लिए. इसके आने से भारत में डाटा इस्तेमाल में कई गुना इजाफा हुआ है.

(CCM) — भारत में जियो के आने के बाद मोबाइल डाटा खपत जहां बढ़ी तो वहीं दूसरी टेलीकॉम कंपनियों की इनकम कम हुई. डाटा खपत में भारत 155वें पायदान से दुनिया में पहले नंबर पर पहुंच गया है.

जियो आने के बाद टेलीकॉम कंपनियों के बीच प्राइस वार शुरू होने से इसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिला. फर्स्ट पोस्ट वेबसाइट के मुताबिक जहां पहले एक महीने में मोबाइल डाटा खपत 20 करोड़ GB था. अब यह एक महीने में बढ़कर 150 करोड़ GB से ज्यादा हो गया है. इस डाटा में से अकेले जियो के कस्टमर्स 125 करोड़ GB डाटा की खपत कर रहे हैं.

5 सितंबर को जियो सर्विस की शुरुआत हुई थी. इस एक साल के दौरान जहां ग्राहकों को कई फायदे हुए तो वहीं टेलिकॉम कंपनियों के लेवल पर कई अहम बदलाव हुए हैं. जैसे उनकी इनकम कम हुई है, इंडस्ट्री में मर्जर का दौर बढ़ा है.

जियो की वीडियो स्ट्रीमिंग हर महीने 165 करोड़ घंटे से अधिक है. वहीं एक महीने में वॉयस टैरिफ 250 करोड़ मिनट से ज्यादा है. जियो ने हर सेकेंड में 7 कस्टमर्स जोड़े हैं और महज 170 दिनों में कस्टमर्स की संख्या 100 मिलियन हो गई. मौजूदा समय में जियो नेटवर्क पर 130 मिलियन से ज्यादा कस्टमर्स हैं.

जियो के आने से पहले जहां टैरिफ 250-4000 रुपये प्रति GB तक था वो अब 50 रुपए प्रति GB से भी कम पर आ गया है. तो जियो यूजर को हर महीने प्रति GB के लिए इससे भी कम पैसे देने पड़ते हैं. मौजूदा 399 रुपये के प्लान के तहत यूजर्स को 84 दिनों के लिए हर दिन 1 GB की हाईस्पीड डाटा ऑफर किया जाता है.

Photo: © Jio.
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