टेलीकॉम कंपनियों को अब जियो से डरने की जरूरत है

RanuP - 24 जुलाई, 2017 - अपराह्न 05:06 IST बजे

टेलीकॉम कंपनियों को अब जियो से डरने की जरूरत है

रिलायंस जियो मोबाइल क्या सही में लेने लायक है, या यह सिर्फ एक मार्केटिंग स्ट्रेटजी है. आइए जानते हैं.

(CCM) — मुकेश अंबानी ने रिलायंस जियो की सलाना बैठक में टेलीकॉम की दुनिया में उथल-पुथल मचा देने वाली घोषणा कर दी. उन्होंने जियो 4जी फोन लांच किया जिसकी कीमत इफेक्टिव तौर पर शून्य है. पर क्या ये वाकई सच है?



शुक्रवार को अंबानी जियो के डायस पर खड़े हुए. सबको पता था कि टेलीकॉम वॉर में अब जियो डाटा से आगे की बात करेगा. वैसे ही कुछ हुआ. अंबानी ने ऐसा फोन पेश किया जिसकी कीमत चाहे जो हो पर ग्राहक को उसके लिए फिलहाल 1,500 रुपए देना होगा.

यह कीमत तीन साल बाद यूजर को वापस कर दी जाएगी. यानी असल में फोन की कीमत शून्य हो जाएगी. जियो ने इस 1,500 रुपए को सिक्युरिटी अमाउंट बताया है. कंपनी ने भारत में फ्री चीजों के गलत इस्तेमाल को इसका कारण बताया. और शायद अंबानी ने इसीलिए इस रकम को सिक्युरिटी अमाउंट कहा.

पर क्या देश की जनता को टारगेट करके 1,500 रुपए की मांग करना सही रहेगा? दरअसल किसी भी स्थिति में अगर जियो अगले 6 महीने में पांच से दस करोड़ ग्राहक भी जुटाने में सफल हो जाता है तो यह उसकी सबसे बड़ी कामयाबी होगी.

अगर दस करोड़ लोग अगले 6 महीने में जियो का नया फोन लेते हैं तो कंपनी को 15.000 करोड़ रुपए मिलेंगे. यह वह पैसा होगा जो कंपनी के पास बतौर सिक्युरिटी जमा होगी. पर वापस करने से पहले कंपनी इसी पैसे का इस्तेमाल अपने बिजनेस को बढ़ाने में कर सकती है. आम भाषा में अगर यही पैसा तीन साल के लिए फिक्स डिपॉजिट कर दिया जाए तो सात प्रतिशत ब्याज दर से 18,413 करोड़ रुपए हो जाएगा. यानी कुछ न भी करते हुए रिलायंस जियो को 3413 करोड़ रुपए का मुनाफा होगा.

पर यह छोटा मुनाफा है. असल में कंपनी की स्ट्रेटेजी इन दस करोड़ यूजर को अगले तीन साल तक बांधे रखने की है. सोचिए अगर ये दस करोड़ यूजर हर महीने 153 रुपए रिचार्ज कराते हैं तो 1530 करोड़ रुपए प्रति महीना होगा. यानी हर साल 18,360 करोड़ रुपए की इनकम और तीन साल में यह इनकम 55 हजार करोड़ रुपए हो जाएगी.

पर जियो का यह दाव इतना कारगर कैसे हो सकता है? मौजूदा मोबाइल मार्केट में सबसे सस्ता स्मार्टफोन भी दो हजार से ऊपर की कीमत में ही आएगा. अगर फोन 4G VoLTE टेक्नोलॉजी एनेबल है तो संभव है सबसे सस्ते फोन की कीमत बढ़कर तीन हजार पहुँच जाएगी.

ऐसे में अगर जियो उसकी आधी कीमत में आपको इंटरनेट चलाने वाला एक फोन दे दे तो क्या बुरा है? जियो देश के उस ग्रामीण इलाके को टारगेट करने के लिए मार्केट में है जिस पर अभी तक किसी ने ध्यान नहीं दिया. देश की टॉप टेलीकॉम कंपनियों में से किसी ने आज तक देश के 50 करोड़ बेसिक फोन यूजर के बारे में नहीं सोचा.

जियो अगर उस पूरे आंकड़े के बीस प्रतिशत मार्केट तक भी पहुँच जाए तो वो उसकी सफलता होगी. तो अब दूसरी कंपनियों को डरने की जरूरत है. क्योंकि जियो के 4G का मुकाबला संभव था. पर जियो फोन का मुकाबला संभव ही नहीं है.

Photo: © Jio.