सावधान, दीवारों के पार से पहचान लेगा वाई-फाई!

Swarnkanta गुरुवार 29 अक्टूबर, 2015 को पूर्वाह्न 092204 बजे

सावधान, दीवारों के पार से पहचान लेगा वाई-फाई!

हम अब तक फिल्मों में ही देखते आए हैं कि कैसे एक सुपरमैन दीवार के पार से दुश्मनों को देख लेता है.

शोधकर्ताओं की माने तो जल्द ही हम भी वाई-फाई की मदद से दीवार के पार से किसी को पहचान सकेंगे.

अमरीका के मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान एमआईटी के शोधविज्ञानी एक ऐसी तकनीक विकसित करने में लगे है जो ऐसे वायरलेस सिग्नल पैदा करता है जिसकी मदद से आप किसी व्यक्ति को दीवार के पार पहचान सकते हैं.

एमआईटी के कंप्यूटर साइंस और ऑर्टिफिसयल इंटेलिजेंस लैब ने शोध के जरिए ऐसे वायरलेस सिग्नल खोज निकाले हैं जो लोगों की पहचान करता है. 2013 में शोधकर्ताओं ने ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया था जो दीवार के दूसरी ओर किसी व्यक्ति की उपस्थिति और गतिविधि का पता लगा सकता था. और अब शोधकर्ताओं ने उससे भी आगे की तकनीक विकसित की है.

ये तकनीक अब वाई-फाई सिग्नल में बदलाव लाते हुए किसी इंसान की छाया को पहचान सकती है. यहां तक कि उसे 15 लोगों के बीच 90 प्रतिशत सटीक तरीके से पहचान सकती है.

इस तकनीक का नाम RF-Capture रखा गया है और इसे अगले महीने SIGGRAPH Asia में पेश किया जाएगा.

RF-Capture तकनीक इंसान के हवा में हाथ हिलाने को भी पहचान सकता है. यह बता सकता है कि वे कैसे हिल रहे हैं और यहां तक कि इसकी मदद से दीवार या किसी और रुकावट के पीछे से किसी व्यक्ति के सांस लेने के तरीके और हार्ट रेट का भी पता लगा सकता है.

तकनीक को तैयार करने वाले प्रोजेक्ट में शामिल एक शोधकर्ता डिना कताबी कहती हैं, हम भविष्य में दो मोर्चों पर रिसर्च को लेकर बेहद उत्साहित हैं. एक तो किसी छाया को और अधिक सटीकता के साथ पहचानना, और दूसरा इसे सेहत के मोर्चे पर मुश्किलों से लड़ने के लिए इस्तेमाल करना."

वे बताती हैं, "उदाहरण के लिए, हम ये पता करेंगे कि क्या हम दीवार के पीछे से एक इंसान की उंगलियों की गतिविधि को जान सकते हैं. क्या हम RF-Capture तकनीक को इंसान की सांस और हार्टरेट का पता लगाने के लिए उपयोग कर सकते हैं? हमें विश्वास है कि हम ऐसा कर सकेंगे.

इस तकनीक को स्मार्ट होम्स, मेडिसीन आदि में उपोयग किया जा सकता है. शोधकर्ता यूजर्स की प्राइवेसी की रक्षा करने के लिए सुरक्षा उपायों को विकसित करने पर भी काम कर रहे हैं. कताबी कहती हैं, "प्राइवेसी हमेशा से चिंता का विषय रहा है."
Photo: © Massachusetts Institute of Technology.