ऑनलाइन फ्रॉड हुआ तो पैसा वापस मिलेगा

RanuP - 7 जुलाई, 2017 - अपराह्न 05:39 IST बजे

ऑनलाइन फ्रॉड हुआ तो पैसा वापस मिलेगा

ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने पर अब पूरे पैसे वापस मिलेंगे. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नए नियमों की घोषणा की है.

(CCM) — ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को ज्यादा सहज बनाने और ग्राहकों में मन से हिचकिचाहट हटाने के लिए रिजर्व बैंक ने नए नियमों की घोषणा की है. यूजर अगर डिजिटल फ्रॉड के शिकार होते हैं तो उनको उनका पैसा वापस मिल सकता है.



इस नियम के अनुसार डिजिटल, क्रेडिट कार्ड या एटीएम से जुड़े किसी भी फ्रॉड की शिकायत अगर तीन दिन के अंदर की जाए तो संबंधित बैंकिंग संस्था को वो पैसा यूजर के अकाउंट में वापस जमा करवाने होंगे. इस काम के लिए भी बैंकिंग संस्थाओं के पास मात्र 10 दिन ही होगा.

हालाँकि अगर यूजर तीन दिन के बाद शिकायत करते हैं तो उनको 25,000 रुपये के फ्रॉड का नुकसान खुद ही झेलना होगा. इससे ऊपर की रकम होने पर संस्था संज्ञान ले सकती है. पर इसके लिए भी एक सप्ताह के भीतर ही बैंकिंग संस्था को बताना होगा.

पर अगर जांच में यह पाया गया कि यूजर ने अपने नेट बैंकिंग का पासवर्ड या एटीएम पिन स्वयं शेयर किया था तो पैसे वापस नहीं मिलेंगे. रिजर्व बैंक ने ग्राहक सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए नए दिशा निर्देश जारी किए हैं.

दरअसल पिछले कुछ दिनों में रिजर्व बैंक को ऐसी कई शिकायतें मिली हैं जिसमें यूजर के कार्ड से बिना किसी जानकारी के पैसे निकाल लिए गए हैं. ऐसी स्थिति से निपटने के लिए नए नियम लाए गए हैं.

आरबीआई के अनुसार सिस्टम में होने वाली समस्या का खामियाजा ग्राहक नहीं भुगतेगा. पर अगर ग्राहक स्वयं कहीं अपना पासवर्ड या बैंकिंग पिन बताता है ऐसे में में होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी बैंक नहीं लेगा. बचत खाते में अधिकतम दस हजार रुपए तक फ्रॉड का पैसा वसूला जा सकता है.

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