Petya रैनसमवेयर हमला, भारतीय कंपनियों पर असर

Swarnkanta - 28 जून, 2017 - अपराह्न 03:21 IST बजे

Petya रैनसमवेयर हमला, भारतीय कंपनियों पर असर

वानाक्राई हमले के महीनेभर बाद ही फिर से दुनिया के कई देशों पर साइबर हमला हुआ है. भारत भी इसमें शामिल है.

(CCM) — मंगलवार को इंटरनेट हैकरों के रैनसमवेयर हमले के बाद भारत के जवाहर लाल नेहरू पोर्ट के कामकाज पर भी उसका असर पड़ा है. मुंबई में देश के सबसे कंटेनर पोर्ट जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट के तीन में से एक टर्मिनल का काम प्रभावित हुआ है.



Petya नाम के इस रैनसमवेयर का हमला मंगलवार को ब्रिटेन, रूस, फ्रांस, स्पेन में भी हुआ. इस हमले से कंज्यूमर, शिपिंग, एविएशन, ऑइल ऐंड गैस कंपनियों पर असर पड़ा है.

भारतीय कंपनियों पर इस रैनसमवेयर का असर कितना हुआ है इसका अभी पता लगाया जा रहा है.

वानाक्राई के बाद मई से यह अब तक का दूसरा बड़ा रैनसमवेयर हमला है.

खबरों के मुताबिक इस बार रोसनेफ्ट पीजेएससी, डब्ल्यूपीपी पीएलसी, मएर्स्क सहित 80 कंपनियों पर हमले हुए हैं. हैकर्स ने फिरौती के रूप में 300 डॉलर डिजिट करेंसी की मांग की है.

ब्रिटिश एडवर्टाइजिंग एजेंसी डब्ल्यूपीपी के मुताबिक इस रैनसमवेयर के हमले से उसके आईटी सिस्टम में काफी गड़बड़ियां पैदा हो गई हैं.

हालांकि यह वायरस कहां से आया इसकी जानकारी अब तक नहीं मिली है. पर बताया जा रहा है कि हैकर्स इस मालवेयर के जरिए यूजर्स के कंप्यूटर को हैक कर फिर फिरौती के रूप में बिटक्वाइन डिजिटल करेंसी की मांग कर रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय अपराध पुलिस संगठन इंटरपोल का कहना है कि वह स्थितियों पर बारीक नजर रखे हुए है.

जानकारों का मानना है कि इस मालवेयर ने उसी कमजोरी का फायदा उठाया है जिसका फायदा पिछले महीने वानाक्राई हमले में उठाया गया था.

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