टेलिकॉम इंडस्ट्री का महागठबंधन

RanuP - 20 मार्च, 2017 - पूर्वाह्न 11:23 IST बजे

टेलिकॉम इंडस्ट्री का महागठबंधन

टेलिकॉम की दुनिया का महागठबंधन हो चुका है. रिलायंस जियो से टक्कर लेने के लिए वोडाफोन इंडिया और आइडिया ने हाथ मिला लिया है.

(CCM) — अदित्या बिड़ला ग्रुप की आइडिया सेल्यूलर और ब्रिटिश टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन ने भारत मे मर्जर का ऐलान कर दिया है. इस डील की साथ ही अब यह दोनों कंपनियाँ संयुक्त रूप से देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम के तौर पर जानी जाएंगी.



रिलायंस जियो की मार्केट मे एंट्री के बाद से यह दूसरा बड़ा विलय है. इससे पहले रिलायंस कयुनिकेशन और एयरसेल भी मर्जर की घोषणा कर चुके हैं. कारण एक ही है. मार्केट मे बढ़ता टैरिफ-वार. पिछले साल सितंबर के महीने मे जियो की एंट्री के बाद से देश मे इन्टरनेट डाटा और फ्री कॉल से जुड़े टैरिफ की कीमत कम हो रही है. जियो जहां यह सभी सर्विस इस महीने के अंत तक फ्री दे रहा है वहीं अन्य कंपनियां अपने ग्राहकों मे जियो मे शिफ्ट होने से रोकने मे जुटी हैं. इसी कारण सभी टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर ने बहुत ही कम कीमत पर डाटा देना शुरू कर दिया है.

वोडाफोन और आइडिया के विलय के बाद कम से कम इन दोनों कंपनियों के बीच कोई टैरिफ वार नही होगा और यह दोनों ही कंपनियाँ जियो के खिलाफ रणनीति बना पाएँगी. दो कंपनियों के विलय के बाद ऐसे कई सारे शुल्क हैं जो इन दोनों ही कंपनियों को नही देने होंगे. इसी मुनाफे को यह दोनों कंपनियाँ मार्केट मे ग्राहकों को लुभाने के लिए खर्च कर सकेंगी.

खबरों के अनुसार इस डील के बाद वोडाफोन कंबाइन्ड इनटाइटी का 45% हिस्सा अपने पास रखेगी. आइडिया के बाद महज 26 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी. ग्राहकों को इस मर्जर के बाद किसी भी प्रकार का घाटा नहीं होगा. बल्कि संभव है की उन्हे बेहतर सुविधाएं कम कीमत पर मिलने लगे. पर सर्विस सेक्टर के लिए खबर उतनी अच्छी नही है. संभव है की मर्जर डील के बाद कुछ छटनियाँ हों. कुछ नौकरियाँ जाएँ.

Photo: © JPstock - Shutterstock.com
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