ट्रोल से लड़ने में क्या ट्विटर सफल हो पाएगा

RanuP - 13 फ़रवरी, 2017 - पूर्वाह्न 11:42 IST बजे

ट्रोल से लड़ने में क्या ट्विटर सफल हो पाएगा

ट्रोल और अभद्र भाषा को रोकने के लिए ट्विटर ने एक नया टूल लॉन्च किया है. मकसद यह है कि ट्विटर सुरक्षित बनाया जाय. पर क्या ऐसा हो पाएगा?

(CCM) — ट्विटर के वाइस प्रेसिडेंट ऐड हो ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के इंटरफेस में तीन बड़े बदलाव की घोषणा की है. इसकी सहायता से घृणा फैलाने वाले, ट्रोल, रंगभेदियों एवं जातिवादियों पर निशाना साधने का टारगेट है. इसके लिए ट्विटर ने कमर कस ली है.



कंपनी के शेयर लगातार नीचे जा रहे हैं. एक्टिव यूजर नहीं बढ़ रहे हैं. जो कुछ सेलेब्स हैं वो इन् ट्रोल और अभद्र यूजर की वजह से इस प्लेटफॉर्म को अलविदा बोल रहे हैं. ऐसे में कंपनी ने नया कदम उठाया है. पर क्या यह सफल होगा? हमारा जवाब है, नहीं!

दो साल पहले ट्विटर के सीईओ डिक कोस्त्लो ने कंपनी को एक मेमो लिखा था. जो गलती से मीडिया के हाथ लग गया था. कोस्त्लो ने यह उसी वक्त मान लिया था कि "ट्विटर गाली देने वाली ट्रोल से लड़ने में असफल है." तो क्या अब ऐसा कोई नया फॉर्मूला खोज निकाला गया है जिसके सहायता से ट्रोल को शांत किया जा सके!

आइए पहले जानते हैं इस तकनीकी के बारे में जिसके माध्यम से ट्रोल को निशाना बनाया जाने का प्लान बन रह है.ट्विटर ने एक विशेष सॉफ्टवेयर डेवेलप किया है.

इसके माध्यम से ऐसे सभी अभद्र पोस्ट को ट्विटर से तुरंत डिलीट किया जाएगा. ट्रेंड होने से पहले ही. और इसको रिपोर्ट करने का अधिकार मिलेगा यूजर को. फेसबुक, गूगल प्लस, यूट्यूब, टंबलर आदि पर यह ऑप्शन सीधे यूजर के हाथ में होता है. किसी ने भी ट्रोल करने की कोशिश की, उसका रिप्लाई डिलीट कर दो. फटाफट! पर ट्विटर में एक टू-स्टेप प्रोसेस बना दिया गया है. क्या यह समाधान है?

पर कुछ न होने से कुछ तो होना अच्छा ही है. आपकी भी आजादी का ख्याल ट्विटर को बहुत देरी से आया. तो कोई भी ऊट-पटांग रिप्लाई आए, उसको डिलीट करने का की कोशिश तो कर ही सकते हैं.

पर क्या यह हक यूजर को नहीं दिया जाना चहिये था? यूजर पहले रिपोर्ट करे फिर ट्विटर के लोग या सॉफ्टवेयर उसको देखो और फिर डिलीट करें... लंबा प्रोसेस. और यही पर ट्विटर अन्य सोशल साइट से पीछे रह गया. हालांकि कंपनी ने एक विशेष स्टाफ को मोडरेशन के लिए बैठाल दिया है. वो कितना कारगर होगा यह देखना अभी बाकी है. पर ये चंद लोग कितने लोगों का रिप्लाई, मैसेज, ट्रोल आदि देखेंगे? वहीं दूसरी तरफ सॉफ्टवेयर पर आधारित ऐसा कोई भी सिस्टम आज तक सफल नहीं हुआ है. तो फिर ये कैसा होगा?

Photo: © GongTo - Shutterstock.com
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