iOS पर ऐड ब्लॉकर्स समय-धन बचाएगा

Swarnkanta सोमवार 5 अक्टूबर, 2015 को पूर्वाह्न 090130 बजे

iOS पर ऐड ब्लॉकर्स समय-धन बचाएगा

ऐप्पल ने अपने नए ऑपरेटिंग सिस्टम में मोबाइल ऐड ब्लॉकिंग का इस्तेमाल किया है, एक नई रिपोर्ट के मुताबिक वह काफी बेजोड़ है.

ऐड ब्लॉकर कितने हद तक असरदार हो सकते हैं, ये जानने के लिए न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक अध्ययन किया. उसने अपने आईफोन पर मल्टीपल ऐड ब्लॉकर्स को टेस्ट किया.

तकनीकी संवाददाता जॉर्ज आइश, विल्सन एंड्र और जोश केलर ने प्यूरीफाई, क्रिस्टल और 1ब्लॉकर जैसे ऐड ब्लॉकरों का परीक्षण किया. उन्होंने इस परीक्षण में आईफोन पर 4जी मोबाइल नेटवर्क में दो टेस्ट किए.

पहले टेस्ट में न्यूयॉर्क टाइम्स सहित दुनिया के कुछ मशहूर ग्लोबल न्यूज साइटों पर डाटा साइज को रिकॉर्ड किया गया. दूसरे टेस्ट में में कस्टम आईफोन ऐप का उपयोग किया गया. दोनों टेस्ट बारी बारी से ऐड ब्लॉकर के साथ और ऐड ब्लॉकर के बिना किए गए.

शोधकर्ताओं का कहना है, "वैसे कई वेबसाइटों पर जहां बड़े डाटा के साथ मोबाइल ऐड मौजूद होते हैं उनकी संख्या में काफी कमी आई और ऐड ब्लॉकर के चालू होते ही लोडिंग के समय में बहुत बदलाव आया."

उन्होंने बताया कि यही नहीं ऐड्स हटाने से आईफोन की बैटरी की लाइफ भी बेहतर हो गई." बताया जा रहा है कि टेस्ट के दौरान प्यूरीफाई और क्रिस्टल जैसे ऐड ब्लॉकर्स के इस्तेमाल से बैटरी की लाइफ में लगभग 21 फीसदी का इजाफा हुआ.

जहां ये खबर यूजर्स के लिए अच्छी है वहीं इससे पब्लिशर्स को निराशा हो सकती है. ऐसे में क्रिस्टल के डेवेलपर डीन मर्फी का सुझाव है कि ब्लॉकिंग प्रोग्राम से मोबाइल ऐड बेहतर होंगे.

लेकिन ऐड ब्लॉकर से उन साइटों के बिजनेस को नुकसान हो सकता है जो आनलाइन ऐड चलाते हैं. इंटरऐक्टिव ऐडवरटाइजिंग ब्यूरो टेक लैब के प्रबंधक स्कॉट कनिंगघम की बात मायने रखती है. उनका कहना है, "अगर इकोनॉमिक इंजन पर संकट आया तो छोटे इंडी पब्लिशर्स और स्थानीय न्यूज पब्लिशर्स आपनी ऑनलाइन सामग्री की उपयोगिता को कैसे बनाए रख पाएंगे ?"

Photo: © Creative Commons - Flickr: Bob Jouy.
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