बिना कवर खोले पढ़ सकेंगे किताब

RanuP सोमवार 12 सितम्बर, 2016 को अपराह्न 120629 बजे

बिना कवर खोले पढ़ सकेंगे किताब

किसी किताब को बिना खोले या छुए उसको पढ़ा जा सकता है. वैज्ञानिकों ने एक नई खोज की है. शानदार है. पुरातत्व विभाग को फायदा होगा.

(CCM) — कुछ वैज्ञानिक के एक समूह ने एक नई खोज की है. किसी किताब को बिना खोले या छुए आप उसका कंटेंट पढ़ सकते हैं. मतलब बिना कवर हटाए अंदर क्या लिखा है, यह पढ़ा जा सकता है. मेसाचूसेट्स इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नॉलोजी के इस ग्रुप में एक भारतीय वैज्ञानिक रमेश शंकर भी शामिल हैं.

शंकर और उनके साथ के वैज्ञानिकों ने इस प्रोजेक्ट के प्रोटोटाइप की टेस्टिंग भी शुरु कर दी है. इसमें प्रोटोटाइप को एक ऐसी बुक पर टेस्ट किया गया जिसमे हर पन्ने पर एक टेक्स्ट लिखा हुआ था. इस सिस्टम की सहायता से शुरुआत के 9 पन्नों पर सभी अक्षरों को अच्छे पढ़ा जा सका.

वैज्ञानिकों में से एक, बर्मार्क हेश्मेट ने बताया कि, "न्यू यॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ने इस आविष्कार में काफी रूचि ली है. वो चाहते हैं कि सारी बेशकीमती एवं एंटीक किताबों को बिना खोले उसे पढ़ा जा सके." इस खोज के माध्यम से एक ऐसा एलोगोरिदम विकसित किया गया है जो हर पन्ने से जो तस्वीर दिख रही है उसको रिकॉर्ड करती है और इंटेलिजेंस के उपयोग करके अक्षरों के रुप में प्रदर्शित करती है.

कई सारी वेबसाईट पर कैप्चा का प्रयोग किया जाता है ताकि पता चल सके कि कोई इंसान ही कंप्यूटर का प्रयोग कर रहा है. पर यह एल्गोरिदम उस कैप्चा तकनीक को भी धोखा दे सकता है. इस सिस्टम में टेराहर्ट्ज रेडिएशन का प्रयोग किया जाता है. यह तकनीक इंक एवं इंकपेपर के बीच भी फर्क पहचान सकती है. इन तरंगों की डेप्थ एवं रेडिएशन भी बेहतर है. फिलहाल इस तकनीक से ऊपर से 20 पन्नों तक का कंटेंट पढ़ा जा सकता है. पर पिछले प्रयोग में 9 पन्नों के बाद के टेक्स्ट का रिफ्लेक्शन इतना बेहतर नही था कि उनसे साफ-साफ पहचाना जा सके.

Photo: © iStock.
आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.