क्या नेट न्यूट्रेलिटी का उल्लंघन है रिलायंस ऐप कॉलिंग प्लान

RanuP - 31 अगस्त, 2016 - पूर्वाह्न 11:56 IST बजे

क्या नेट न्यूट्रेलिटी का उल्लंघन है रिलायंस ऐप कॉलिंग प्लान

रिलायंस कॉम ने कॉल ड्रॉप से बचाने के लिए ऐप-टू-ऐप कॉलिंग वाला प्लान लॉन्च किया है. 1 रुपया में 300 मिनट कॉलिंग मिलेगी.

(CCM) — रिलायंस जियो से लड़ने के लिए अब छोटे भाई अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशन ने भी कमर कस ली है. कंपनी ने 'कॉल ड्रॉप से छुटकारा' नाम का एक प्लान लॉन्च किया है. जिसमें यूजर को 4G LTE नेटवर्क के माध्यम से 300 मिनट की ऐप-टू-ऐप कॉलिंग मिलेगी. वो भी मात्र 1 रुपया में.

पर कैच कुछ और है. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस कम्युनिकेशन का यह प्लान नेट न्यूट्रेलिटी के सिद्धांत के विरुद्ध है. इस सिद्धांत के अनुसार एप्लीकेशन के आधार पर उसकी एक्सेस चार्ज या कीमत मे भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए. यह प्लान फिलहाल रिलायंस के 4G LTE यूजर के लिए दिल्ली एवं NCR इलाके मे उपलब्ध है. इस पैक से यूजर वॉयस कॉल, स्काइप कॉल, व्हाट्सऐप कॉल, फेसबुक मैसेंजर, गूगल हैंगआउट आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं. कंपनी के अनुसार यूजर को HD वॉयस क्वालिटी मिलेगी. पर अंत मे परिणाम ऐप विशेष पर निर्भर करेगा.

इस ऑफर को विस्तार मे समझाया है रिलायंस कम्युनिकेशन के एक ईमेल स्टेटमेंट में. 1 रुपया वाले ऑफर को महीने के 30 दिनों मे बांटा गया है. यानी 10 मिनट प्रतिदिन. यूजर को 7MB डाटा दिया जाएगा. जिससे यूजर हर दिन 10 मिनट ऐप-टू-ऐप कॉल कर पाएगा. अगर महीने के अंत मे कुछ डाटा बच जाता है तो उसको कैरी फॉरवर्ड नहीं किया जाएगा. यूजर इस डाटा को अन्य काम जैसे वेब सर्फिंग, यूट्यूब वीडियो देखने आदि के लिए भी कर सकते हैं. पर इस स्थिति मे प्रतिदिन मिलने वाले मिनट ऐप-टू-ऐप वॉयस कॉल मिनट कम हो जाएंगे.

Photo: © Rcom.co.in
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