टॉरेंट साइट पर जाओ, जेल नहीं होगी!

RanuP सोमवार 22 अगस्त, 2016 को अपराह्न 114220 बजे

टॉरेंट साइट पर जाओ, जेल नहीं होगी!

वो टॉरेंट साइट एक्सेस करने पर जेल जाने वाली खबर सच्ची है या ऐसे ही अफवाह? हर कोई परेशान है. कुछ लोग तफरी भी ले रहे हैं. हमने पता लगा लिया.

(CCM) — अगर आप भी उनमें से एक है जिसने सुबह से सभी फिरंगी फिल्मों एवं टीवी सीरीज की डाउनलोडिंग को डर के मारे स्टॉप कर दिया है तो नीचे पढ़ना सफल है. दरअसल टॉरेंट वेबसाईट को देखने मात्र से जेल एवं जुर्माने की खबर फैली हुई है. हम भी पता लगाने निकल पड़े. सच्चाई.

सच्चाई यही है कि मात्र साइट पर जाने से जेल नहीं हो रही है. कोई आप पर जुरमाना नहीं थोपेगा. क्यूंकि कानून भी इस पर कुछ अलग ही बोलता है. वैसे खबरों के अनुसार ऐसी किसी भी साइट पर जाने मात्र से 3 लाख रूपए तक का जुरमाना है. पर यह एक बॉलीवुड फिल्म के केस से संबंधित है. ऑनलाइन कानून के जानकार प्रशांत सुगाथान के अनुसार, "भला कोई वेबसाईट ब्लॉक हो, उसको विजिट करना कभी भी गैरकानूनन नहीं है. कॉपीराइट एक्ट, 1957 या आईटी एक्ट, 2000 के अंतर्गत भी नहीं." हालांकि चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखना पूरी तरह से गैरक़ानूनी है.

तो फिर मसला क्या है? निश्चित तौर पर केवल साइट पर जाने से आपको जेल नही होगी. पर अवैध कॉपीराइट कंटेंट डाउनलोड करना, उसकी कॉपी बनाकर बाँटना या उसका व्यापर करना निश्चित तौर पर गैरकानूनी है. और ऐसा करने पर किसी को भी जेल ही सकती है. और यही पाइरेसी के कानून में आता है.

पर जब CCM हिंदी की टीम ने टॉरेंट साइटों का दौरा किया तो पाया कि यह सभी साइट तभी नहीं खुल रही हैं जब आप यूआरएल में असुरक्षित कनेक्शन स्थापित करते हैं. यानी यूआरएल की शुरुआत में अगर केवल http:// है तो वह साइट नहीं खुलेगी और वहीं डराने वाला मैसेज दिखेगा. पर अगर आप एक सिक्योर कनेक्शन का प्रयोग कर रहे हैं तो डरने की बात नही है. चाहे नेटवर्क बीएसएनएल का हो या एमटीएस का, आप एक्सेस कर सकेंगे. सिक्योर कनेक्शन स्थापित करने के लिए बस आपको यूआरएल में एक जगह s जोड़ना होगा. यह यूआरएल हरे रंग में दिखता है और https:// तरीके से लिखा जाएगा. तो फिलहाल वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) या प्रॉक्सी सर्वर की तरफ भागना बंद करिए.

Photo: © iStock.
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