बैन के बावजूद चीन में ट्विटर बना 'करोड़पति'

RanuP गुरुवार 7 जुलाई, 2016 को पूर्वाह्न 020247 बजे

बैन के बावजूद चीन में ट्विटर बना 'करोड़पति'

पूरी तरह के बैन के बावजूद लगभग 1 करोड़ से ज्यादा लोग चीन में भी सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर का इस्तेमाल कर रहे हैं.

(CCM) — कहते हैं न कि इंटरनेट वो माध्यम है कोई भी सरहद या किसी भी प्रकार कि बंदिशें तोड़ कर आगे बढ़ सकता है. चीन में यह सच हो रहा है. पूरे बैन के बावजूद 1 करोड़ से ज्यादा लोग माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक्टिव हैं.

सोचने में अजीब सा लगता है कि अगर वो चीन से एक्टिव हैं तो सरकार उन आईपी एड्रेस पर को एक्शन क्यों नही ले रही है है. दरअसल चीन की जनसंख्या भारत से भी ज्यादा, लगभग 140 करोड़ से भी ज्यादा और इस तरह ट्विटर यूज करने वालों कि यह संख्या ऊँट के मुहं में जीरा जैसी है. पर अगर इतने लोग भी ट्विटर पर है तो बगावत और तकनीकी जुगाड़ की बू तो आती दिख रही है.

चीन में ट्विटर लगभग सात सालों से, यानी सन 2009 से बैन है. न केवल ट्विटर, बल्कि कई सारी अन्य इंटरनेशनल साइट चीन में बैन है.

एक रिपोर्ट के अनुसार, "1 करोड़ यूजर का आंकड़ा मात्र एक एस्टीमेट मात्र ही है क्यूंकि ट्विटर स्वयं सहीं संख्या के बारे में निश्चित नहीं है. कारण यह भी है कि चीन किसी यूजर को ट्रेस करना बहुत कठिन होता है. पर चीन में कई यूजर देश के सेंसरशिप नेटवर्क से बचने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क यानी वीपीएन नाम के एक जुगाड़ का इस्तेमाल करते हैं." रिपोर्ट के अनुसार चीन के एक ट्विटर यूजर की जब लोकेशन ट्रेस की गई तो वह ब्रिटेन एवं अमेरिका में दिख रहा था था. यानी वर्चुअल दुनिया में उस यूजर की लोकेशन चीन न होकर देश में बाहर थी.

पर वर्तमान परिवेश को देख कर नहीं लग रहा है कि ट्विटर चीन में अपना नेटवर्क बढ़ाने के लिए किसी भी प्रकार के जतन करने के मूड में है. इससे पहले लिंक्डइन ने सेंसरशिप की गाइडलाइन्स मानते हुए चीन में नेटवर्क शुरू किया था.
Photo: © GongTo - Shutterstock.com
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