व्हाट्सऐप, वाइबर पर बैन लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

RanuP बुधवार 29 जून, 2016 को अपराह्न 113642 बजे

व्हाट्सऐप, वाइबर पर बैन लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

व्हाट्सऐप पर बैन लगाने के लिए डाली गई एक याचिका को सुप्रीमकोर्ट ने आज रिजेक्ट कर दिया है.

(CCM) — सुप्रीमकोर्ट ने बुधवार को उस याचिका को रद्द कर दिया जिसमे इंस्टेंट मैसेंजिंग सर्विस व्हाट्सऐप पर उसके इनक्रिप्शन फीचर की वजह से बैन की मांग की जा रही थी. यह मांग व्हाट्सऐप, वाइबर, हाइक समेत 20 इंस्टेंट मैसेंजर सर्विस को बैन करने के लिए की गई थी.

सहित सर्वोच्च न्यायलय के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर एवं जस्टिस एएम खंविलकर की बेंच ने इस याचिका पर बोलते हुए कहा कि कोर्ट इस मुद्दे पर न बोलते हुए याचिकाकर्ता को सरकार का दरवाजा खटखटाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता सुधीर यादव को टेलिकॉम ट्रिब्यूनल में माध्यम से यह मामला सरकार तक पंहुचना चाहिये. याचिकाकर्ता के अनुसार, यदि व्हाट्सऐप को किसी व्यक्ति विशेष की चैट के मैसेज सरकार को दिखाने हों तो वह क्या करेंगे? वो मैसेज नहीं दिखा पाएंगे क्यूंकि स्वयं व्हाट्सऐप के पास भी इनक्रिप्शन को तोड़ने का कोड नहीं है."

व्हाट्सऐप ने इसी साल अप्रैल में 256-बिट इनक्रिप्शन सुविधा की शुरुआत की थी. यह इनक्रिप्शन को तोड़ा नहीं जा सकता है. यानी मैसेज भेजने वाले और रिसीव करने वाले के अलावा उस सन्देश को कोई और नहीं पढ़ सकता है.

आरटीआई एक्टिविस्ट यादव के अनुसार, यह इनक्रिप्शन सुविधा जाने-अनजाने आतकवादियों के फायदे में भी काम आ सकती है क्यूंकि उनके मैसेज को व्हाट्सऐप या सरकार किसी भी स्टार पर नहीं पड़ सकेंगे. खास बात यह है कि यही समस्या वाईबर, हैक जैसे मैसेंजर में भी है जिस पर भी यादव ने सवाल उठाया है.

यादव ने आगे बताया कि वो यह नहीं कह रहे हैं कि इन सभी सर्विस पर बैन लगा दिया जाय. बल्कि वो तो बस यह चाहते हैं कि व्हाट्सऐप एवं अन्य मैसेंजर सरकार के साथ उस कोड को शेयर करें जिसके माध्यम से किसी मैसेज के इनक्रिप्शन को तोड़ा जा सके और देश की सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ न हो.
Photo: © tanuha2001 - Shutterstock.com
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