अब दिल की धड़कन से होगा एटीएम ट्रांजेक्शन

RanuP शुक्रवार 17 जून, 2016 को पूर्वाह्न 104633 बजे

अब दिल की धड़कन से होगा एटीएम ट्रांजेक्शन

अब बहुत जल्द एटीएम से पैसे निकालने के लिए पिन नंबर नहीं बल्कि दिल की धड़कन की जरूरत पड़ेगी.

(CCM) — बहुत जल्द आपको एटीएम ट्रांजेक्शन को पूरा करने के लिए पिन नंबर की नहीं बल्कि दिल की धड़कन की जरूरत पड़ सकती है. सुनने मे अटपटा लग रहा होगा पर यह तकनीक अब बहुत जल्द भारत आने वाली है.

भारतीय बैंकों ने एटीएम ट्रांजेक्शन को और सुरक्षित बनाने के लिए इस नई तकनीक के बारे मे सोचना शुरू भी कर दिया है. दरअसल भारतीय बैंकों ने साइबर बैंकिंग एवं ट्रांजेक्शन को सुरक्षित बनाने के लिए कमर कस ली है. इसी संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक ने इस महीने की 2 तारीख को एक मीटिंग की एवं एक कमिटी को सुरक्षा नीति बनाने की जिम्मेदारी भी दी है. खास बात यह है कि इस बार इस नई तकनीक को भारत मे लाने के लिए प्राइवेट बैंक भी काफी रिसर्च एवं मेहनत कर रहे हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक खबर के अनुसार निजी क्षेत्र के एचडीएफसी एवं आईसीआईसीआई बैंक भी इसी तकनीक पर रिसर्च कर रहे हैं. इससे पहले बैंक ऑफ बड़ौदा, डीसीबी आदि संस्थान ने फिंगरप्रिंट से चलने वाले एटीएम इंस्टाल भी किए हैं.

दरअसल हर इंसान के दिल की धड़कन अलग होती है. और इसी यूएसपी का फायदा उठाते हुए कनाडा की कंपनी नेयामी ने इस तकनीक खोज निकाली है. दरअसल इस तकनीक के तहत, यूजर को एटीएम से ट्रांजेक्शन करते समय एक विशेष बैंड पहनना होगा. यह बैंड आपकी धड़कन को मशीन तक पहुंचाती है. एटीएम भी इस बैंड को सेन्स करेंगे. आपकी धड़कन की पहचान करते ही एटीएम मशीन से पैसे निकलेंगे.

Photo: © ImYanis - Shutterstock.com
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