भारत पर रैनसमवेयर अटैक का खतरा

RanuP - 4 जून, 2016 - अपराह्न 07:41 IST बजे

भारत पर रैनसमवेयर अटैक का खतरा

भारत दुनिया के उन 5 शीर्ष देशों में शामिल हो गया है जहां के कम्यूटर नेटवर्क में सबसे ज्यादा रैनसमवेयर वायरस अटैक होता है.

(CCM) — एंटीवायरस बनाने वाली कंपनी कैस्परस्की ने एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया कि भारत दुनिया के उन 5 शीर्ष देशों में शामिल हो चुका है जहा के कंप्यूटर पर रैनसमवेयर का अटैक सबसे ज्यादा होता है.

रैनसमवेयर एक मालवेयर है जो यूजर को किसी सर्विस एक्सेस करने के लिए ऑनलाइन पेमेंट मोड पर ले जाता है.

कैस्परस्की की APAC ग्लोबल रिसर्च एवं एनालिसिस टीम के प्रमुख विताली कम्लुक ने यह बताया कि इस साल मार्च से मई के बीच दुनिया के अन्य देशों की तुलना में भारत के कंप्यूटरों पर टेसलाक्रिप्ट रैनसमवेयर का अटैक सबसे ज्यादा हुआ है. वहीं दूसरी तरफ लोकी रैनसमवेयर से खतरे की बात करें तो भारत के कंप्यूटर दुनिया के पांच शीर्ष असुरक्षित देशों में चौथे नंबर पर है.

इस डाटा के अनुसार भारत में 11,674 कंप्यूटर यूजर पर टेसलाक्रिप्ट रैनसमवेयर का अटैक हुआ था. वहीं 564 यूजर लोक रैनसमवेयर की चपेट में आ चुके हैं. रैनसमवेयर यूजर को उन्हीं के सिस्टम को यूज करने से रोकता है.

वहीं लोकी ऐसा रैनसमवेयर है जो विंडोज सिस्टम पर फ़ैल रहा है और इस साल फ़रवरी के महीने से अस्तित्व में आया है. इसी रिपोर्ट के अनुसार भारत में केरल इस रैनस्मवेयर से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है. वहीं तमिलनाडु इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर है. तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र है, वहीं चौथे पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली है.

कम्लुक ने यह भी बताया कि इंटरनेट पर मुख्य रूप से पांच प्रकार के रैनसमवेयर पॉपुलर हो रहे हैं. और खास बात यह है कि भारत जैसे देश में लोगों को रैनसमवेयर की समझ नहीं है और कई यूजर इसके शिकार भी बन चुके हैं.

Photo: © iStock.
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