कॉल ड्रॉपिंग: टेलीकॉम कंपनियों को आखिरी मौका

RanuP शुक्रवार 11 मार्च, 2016 को पूर्वाह्न 014741 बजे

कॉल  ड्रॉपिंग: टेलीकॉम कंपनियों को आखिरी मौका

सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को कॉल ड्रॉप की समस्या सुलझाने का आखिरी मौका दिया है.

न्यायालय ने कंपनियों को निर्देश दिया है कि कॉल ड्रॉपिंग की समस्या की पूरी लिमिट दो प्रतिशत से ऊपर न जाए. इस बाबत इन कंपनियों को कोर्ट में एक अंडरटेकिंग भी देनी होगी. यह लिमिट ट्राई द्वारा पूर्व निर्धारित सीमा का दो प्रतिशत ज्यादा है.

सेल्युलर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने हाई कोर्ट के फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.

इस संघ में वोडाफोन, एयरटेल, एयरसेल समेत भारत के प्रमुख 21 टेलीकॉम ऑपरेटर शामिल हैं.

इस ऑर्डर में कोर्ट ने ट्राई की ओर से लगाए गए जुर्माने को हटाने से साफ इनकार किया था. ट्राई ने इन टेलीकॉम कंपनियों को 1 जनवरी से कॉल ड्रॉप होने पर यूजर को पैसे देने के निर्देश दिए थे. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी पुछा कि क्या ट्राई द्वारा निर्धारित किए गए फाइन को टेलीकॉम कंपनियों द्वारा लागू किया गया और क्या इन कंपनियों ने कॉल ड्रॉपिंग की समस्या से जुड़ा कोई जुर्माना भरा है.

इन कंपनियों के वकील कपिल सिब्बल ने जवाब में बताया कि अभी न तो ट्राई के निर्देश का पालन किया जा रहा है न ही किसी कंपनी ने कोई जुर्माना भरा है. सिब्बल ने यह भी बताया कि कॉल ड्रॉपिंग की समस्या को कभी खत्म नहीं किया जा सकता है. और इसके लिए टेलीकॉम कंपनियों को हर साल 50,000 करोड़ रुपए अदा करना पड़ जाएगा.

Photo: © सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया.(आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)