आ रहे हैं "3D Touch" वाले एंड्रॉयड फोन

Swarnkanta बुधवार 27 जनवरी, 2016 को पूर्वाह्न 090900 बजे

आ रहे हैं

पिछले साल हुआवेई ने अपने Mate S में HiDeep की 3D Touch तकनीक का प्रयोग किया था. यही तकनीक अब दूसरे एंड्रॉयड में भी आ रही है.

HiDeep के सीइओ ब्रायन को ने ZDNet के साथ हुई अपनी ताजा बातचीत में जानकारी दी, "हमने इस तकनीक को मई 2011 के आस-पास विकसित करना शुरू किया था. इसे बन कर तैयार होने में लगभग 4 साल लग गए."

उन्होंने बताया, "जब एप्पल वॉच आया तो मैं समझ गया था कि वे अब अपने अगले फोन में 3डी टच तकनीक का प्रयोग करेंगे. ये बेहद स्वाभाविक है. यदि आप सचमुच इसके बारे में सोचते हैं तो Force Touch जैसा कुछ आखिरकार UX में जरूर आएगा."

HiDeep इस मामले में एप्पल को पीछे छोड़ना चाहता था. हुआवेई के 3डी टच तकनीक शुरू करने के पहले 2014 और 2015 के दौरान HiDeep ने कई तकनीकी कंपनियों को इस अवधारणा के जरिए मदद की.

को के मुताबिक, "हुआवेई का शीर्ष प्रबंधन फरवरी से हर हफ्ते आया. उन्होंने Mate S में 3डी टच को लाने के लिए इसके डिजाइन की संपूर्ण जांच की."

उन्होंने बताया, "मैंने उनसे पूछा था कि क्या आप एप्पल के पहले इसे ला सकते हैं ? और उन्होंने कहा था, हां." वे कहते हैं, "एप्पल जो काम 100,000 लोगों की मदद से करता है, हमने 60 की मदद से कर दिखाया."

को के अनुसार, "इस साल के पहले छमाही के भीतर टच तकनीक वाली हर कंपनी को ये कहने की जरूरत है: 'हमारे पास भी 3D Touch है.' क्योंकि यदि ऐसा उन्होंने नहीं किया तो वे अपने स्मार्टफोन ग्राहक खो देंगे."

HiDeep की 3D Touch तकनीक का नाम Aulu Z है. Aulu का मतलब कोरियाई भाषा में, "सबको गले लगाना" और Z का z-axis, जिसका उपयोग थ्री डाइमेंशनल यानी तीन आयामी वस्तुओं को दिखाने के लिए किया जाता है, है.

को का मानना है कि इस साल आने वाले 80 फीसदी हाई-एंड फोन में किसी न किसी रूप में 3डी टच तकनीक होगी और उन्हें उम्मीद है कि HiDeep की आमदनी 2016 में 10 गुना बढ़ जाएगी.

आखिर में उऩ्होंने कहा, "2016 में स्मार्टफोन में 3D Touch के लिए होड़ शुरू हो गई है."

Photo: © iStock.(आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)