अब मोबाइल फोन भी प्रत्यारोपित होंगे

Swarnkanta गुरुवार 21 जनवरी, 2016 को पूर्वाह्न 113530 बजे

अब मोबाइल फोन भी प्रत्यारोपित होंगे

विश्व आर्थिक मंच यानी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के नए सर्वे के अनुसार, उद्योग विश्लेषक प्रत्यारोपण को तकनीक के भविष्य के रूप में देख रहे हैं.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम काउंसिल ने बताया, "लोग एक दूसरे से कैसे जुड़ते हैं, कैसे सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं, उन सबकी तस्वीर बदलने वाली है. तकनीकी संयोजन के जरिए इनमें बदलाव आने वाला है. अब वियरेबल यानी पहनी जानी वाली तकनीक और इमप्लांटेबल यानी प्रत्यारोपित होने वाली तकनीक लोगों के डिजिटल उपस्थिति को बेहतर बनाएंगे. लोग एब नए तरीके से एक-दूसरे से, चीजों से संवाद कर सकेंगें."

उनका अनुमान है कि 2023 तक प्रत्यारोपण तकनीक आ जाएगी. 2022 तक वियरेबल इंटरनेट उपलब्ध होगा.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम कहता है, "और इन सबकी शुरूआत पेसमेकर और काक्लोअर यानी कर्णिका तंत्र (कान के) से जुड़ा प्रत्यारोपण से होगा. साथ ही, सेहत से जुड़े डिवाइस भी लगातार शुरू किए जाएंगे."

प्रत्यारोपित होने योग्य कई दूसरी तकनीकों में स्मार्ट टैटू, प्रत्यारोपित स्मार्टफोन, ब्रेनवेव कम्यूनिकेशन आदि शामिल होंगे.

हालांकि जानकारों ने चेताया है कि तकनीक में इस तरह के बदलाव से तकनीकी लत, गोपनीयता की चिंता और अन्यमनस्कता में इजाफा होगा. डेटा सुरक्षा में कमी आ सकती है.

उद्योग जगत के नेताओं के परिषद की दूसरी भविष्यवाणियों में 2026 तक अमरीका की सड़क पर हर 10वीं कार autonomous यानी स्वचालित यानी बिना ड्राइवर की होगी.

परिषद बताता है, "चालक रहित कार का ट्रायल गूगल और ऑडी जैसी बड़ी कंपनियां कर रही हैं." अगले दशक में इसके आने की 79 फीसदी उम्मीद है.

आगे बताया गया है, "ये गाड़ियां ज्यादा सक्षम और सुरक्षित होंगी. यही नहीं इनसे वायु प्रदूषण कम होगा, भीड़ कम होगी."

हालांकि इन फायदों के अलावा विशेषज्ञों के मन में कई आशंकाएं भी हैं. इससे लोगों की नौकरियां जाएंगी, कार का स्वामित्व घटेगा, ड्राइविंग के कानूनी ढांचे मे बदलाव होगा और इन गाड़ियों पर साइबर हमला भी हो सकता है.

Photo: © iStock.(आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)