नए साल पर ओला, ऊबर ने लोगों को 'ठगा'

RanuP - 2 जनवरी, 2016 - पूर्वाह्न 01:26 IST बजे

नए साल पर ओला, ऊबर ने लोगों को 'ठगा'

नए साल एवं ऑड-ईवन नियम की वजह से दिल्ली में टैक्सी एग्रीगेटर ऐप ऊबर एवं ओला ने लोगों को 'पीक-चार्ज' के नाम पर जम कर "ठगा".

एक तरफ जहां दिल्ली में ऑड-ईवन नंबर प्लेट की गाड़ियों वाला नियम लागू हो गया है वहीं दूसरी ओर टैक्सी एग्रीगेटर ऐप ऊबर एवं ओला ने भी ग्राहकों से तीन गुना तक ज्यादा कीमत वसूली. यानी जिस दूरी के लिए आपको लगभग 300 रुपये देने थे, उसके लिए ऊबर ने ग्राहकों से 900 रुपए तक वसूले.

इस मौके पर भारतीय कंपनी ओला ने भी कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी. 31 दिसंबर की रात से 1 तारिख तक ओला ने भी 1.8 गुना तक ज्यादा कीमत वसूली. यही नहीं, लोगों को घंटों तक कैब मिलने का इंतजार भी करना पड़ा.

नॉएडा में रहने वाली प्रिया ने बताया कि जब वो अपनी ईवन नंबर कार की वजह से दिल्ली नहीं जा सकती हैं, ऐसे में टैक्सी एग्रीगेटर ऐप ने उन्हें सबसे ज्यादा निराश किया है. प्रिया के पिता अपनी मेडिकल कंडीशन की वजह से मेट्रो या डीटीसी बस में यात्रा नहीं कर सकते.

"ऐसी स्थिति में इन कैब एग्रीगेटर ऐप को लोगों का साथ देना चाहिए, न कि ठगने की कोशिश करनी चाहिए," प्रिया ने CCM हिंदी को बताया.

ओला के ऑटोमेटेड संदेश के अनुसार वो पीक-टाइम चार्ज इसलिए लेते हैं ताकि वो ज्यादा से ज्यादा कैब उपलब्ध करा सकें.

"पर अगर ऐसा है तो उन्हें बिना ज्यादा कीमत लिए ही कैब उपलब्ध करानी चाहिए. ज्यादा पैसे से ज्यादा कैब आने का क्या तात्पर्य है," दिल्ली ने रहने वाले एक अन्य निराश ओला यूजर ने बताया.

नाम न बताने की शर्त पर दिल्ली के ही निवासी ने बताया की टैक्सी फॉर श्योर से बुक की गई कैब की वजह से उन्हें घंटों तक इंतजार करना पड़ा. एक बार ड्राइवर ने कैब की बुकिंग न होने की बात बोली तो दोबारा एक ड्राइवर ने उनके घर तक पहुंचने में ही आधे घंटे से ज्यादा का वक्त लगा दिया.

दिल्ली में ऐतिहासिक तौर पर पहली बार ऑड-ईवन नंबर नियम शुरू किया गया है जिसकी वजह से एनसीआर में रहने वाले लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ा. ऐसे में टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानियों ने लोगों को सबसे ज्यादा निराश किया है.

Photo: © CCM हिंदी.
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