गूगल छात्रों के साथ 'गिनी पिग' जैसा बर्ताव कर रहा है?

Swarnkanta बुधवार 2 दिसम्बर, 2015 को अपराह्न 100306 बजे

गूगल छात्रों के साथ 'गिनी पिग' जैसा बर्ताव कर रहा है?

तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल इन दिनों फिर से विवाद में है.

इस बार इलेक्ट्रॉनिक फ्रंटियर फाउंडेशन (ईएफएफ) ने गूगल पर आरोप लगाया है. उसके मुताबिक गूगल अपने क्रोमबुक के जरिए छात्रों की गोपनीयता का उल्लंघन कर रहा है. गूगल को लेकर गोपनीयता से जुड़ा विवाद कोई नया नहीं है. ईएफएफ की शिकायत के अनुसार, क्रोमबुक जिन जानकारियों को छात्रों के इस्तेमाल के लिए स्कूलों को भेज रहा है, गूगल उन्हें हासिल कर रहा है.

यही नहीं, 'क्रोम सिंक' फीचर को स्कूल प्रशासन के अलावा कोई और बंद नहीं कर सकता.

इलेक्ट्रॉनिक फ्रंटियर फाउंडेशन ने एक औपचारिक शिकायत करते हुए दावा किया है कि कंपनी वैसी गतिविधियों में शामिल हो जो 2014 स्टूडेंट प्राइवेसी प्लेज (जिस पर गूगल ने हस्ताक्षर किया है) का उल्लंघन करती है. एफसीसी के मुताबिक फेडरल ट्रेड कमीशन एक्ट के तहत ये प्रतिज्ञा या प्लेज कानून की ओर से प्रवर्तनीय है यानी लागू करने योग्य है.

ईएफएफ की रिपोर्ट कहती हैं, "सार्वजनिक रूप से ऐसा नहीं करने का वादा करने के बावजूद, छात्रों की ओर से ब्राउज किए गए डेटा और दूसरी जानकारियों को गूगल हासिल करता है और इसे कंपनी के अपने किसी लक्ष्य के लिए इस्तेमाल करता है."

दर्ज शिकायत का बड़ा हिस्सा ये कहता है कि गूगल इन डेटा का इस्तेमाल अकादमिक उद्देश्य से नहीं कर रहा बल्कि अपने प्रोडक्टस को बेहतर बनाने में कर रहा है और आरोप लगाता है कि वह छात्रों के साथ गिनी पिग जैसा व्यवहार कर रहा है."

इस साल के शुरू में, ब्रिटेन में भी गूगल को डेटा माइनिंग के लिए जांच के दायरे में लाया गया था. और तब गूगल ने स्वीकार किया था कि वह अपने लंबी-चौड़ी गोपनीयता नीति में बदला लाएगा और वह यूजर की कौन कौन सी जानकारी को इकट्ठा (और क्यों) कर रहा है इसे स्पष्ट करेगा.


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