फेसबुुक टीनएजर्स में तनाव बढ़ा सकता है

Swarnkanta - 28 नवम्बर, 2015 - अपराह्न 10:27 IST बजे

फेसबुुक टीनएजर्स में तनाव बढ़ा सकता है

क्या फेसबुक पर आपके 300 से अधिक दोस्त हैं? यदि हां, तो आपको अधिक तनाव होने का खतरा हो सकता है.

कनाडा के मॉन्ट्रियल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार फेसबुक टीनएजर्स में स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर बढ़ा भी सकता है वें नियंत्रित भी. शोध में पाया गया कि जिन टीनएजर्स के 300 से अधिक फेसबुक फ्रेंड थे उनमें कोर्टिसोल का स्तर बढ़ा हुआ था. कोर्टिसोल एक हार्मोन है जो शारीरिक या मानसिक तनाव के कारण बढ़ता है और सेहत पर बुरा असर डालता है.

शोध में शामिल किए टीनएजर्स से उनके फेसबुक इस्तेमाल किए जाने के बारे में पूछा गया. पूछा गया कि वे फेसबुक पर कितनी बार जाते हैं, सोशल मीडिया पर उनके कितने दोस्त हैं, और सेल्फ प्रोमोटिंग बिहेवियर क्या है और वे अपने दोस्तोंं का साथ देते हैं या नहीं. फिर टीम ने प्रयोग में शामिल प्रतिभागियों से कोर्टिसोल के सैंपल जुटाए.

प्रमुख शोधकर्ता सोनिया लूपियन कहती हैं, "हमने देखा कि जिन किशोरों के 300 से अधिक फेसबुक दोस्त हैं, उनमें कोर्टिसोल का स्तर अधिक था."

सोनिया बताती हैं, "दूसरे महत्वपूर्ण बाहरी कारक भी जिम्मेदार होते हैं लेकिन हमने अनुमान लगाया कि कोर्टिसल पर फेसबुक का अलगाव प्रभाव करीब आठ प्रतिशत था.”

ये भी ध्यान देने वाली बात है कि अध्ययन के समय कोई भी टीनएजर डिप्रेशन से पीड़ित नहीं था. इसलिए शोध के परिणाम गलत नहीं हो सकतें.

लेकिन यहां एक सकारात्मक पक्ष भी है. वे टीनएजर्स जो अपने फेसबुक पर पोस्ट लाइक या कमेंट करके दोस्तों की उपलब्धियों पर उनका साथ देते हैं. ये अपने दोस्तों को प्रोत्साहित करने और अपने मित्रों की तारीफ करने का सबसे अच्छा कारण है!

ये शोध Psychoneuroendocrinology पत्रिका में प्रकाशित हो चुकी है.
Photo: © Pixabay.(फेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)