पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान

Swarnkanta - 20 अक्टूबर, 2017 - अपराह्न 02:53 IST बजे

पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान

रेलवे या हवाईअड्डे जैसी जगहों पर पब्लिक वाई-फाई के इस्तेमाल से आप साइबर हमले का शिकार बन सकते हैं.

(CCM) — सरकारी एजेंसी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉंस टीम यानि सीईआरटी-इन की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पब्लिक वाई-फाई बहुत जोखिम भरा है. टीम ने इसका इस्तेमाल ना करने की सलाह देते हुए इसके खिलाफ चेतावनी दी है.



इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉंस टीम ने सुझाव दिया है कि इसके बदले आप वीपीएन यानि वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क और वायर्ड नेटवर्क का इस्तेमाल करें. टीम का कहना है, "हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन पर मौजूद पब्लिक वाईफाई साइबर अटैकर को संवेदनशील जानकारियां चुराने का सहज मौका उपलब्ध कराते हैं. हैकर आपसे जुड़ी कई जानकारियों जैसे क्रेडिट कार्ड नंबर, पासवर्ड, चैट मैसेज, ई-मेल और फोटो आदि तक आसानी से पहुंच सकते हैं."

हाल ही में बेल्जियम यूनिवर्सिटी केयू ल्यूवेन के सुरक्षा विशेषज्ञ मैथी वनहॉफ ने पाया कि वायरलेस सेक्युरिटी प्रोटोकॉल WPA2 में कमियां हैं. WPA2 एक प्रोटोकॉस है जो सभी आधुनिक प्रोटेक्टेड वाई-फाई नेटवर्क को सुरक्षित रखता है. रिसर्चर मैथी वैनहोफ ने इसे KRACK का नाम दिया है. इसके तहत हैकर्स वाई-फाई के जरिए किसी भी डिवाइस में वायरस या मालवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं. वैनहोफ के मुताबिक, इससे विंडोज और एंड्रॉयड के अलावा, मैकओएस, iOS और लिनक्स जैसे सुरक्षित माने जाने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम भी प्रभावित किए जा सकता है.

सुरक्षा विशेषज्ञ मैथी वनहॉफ ने इसे रीइंस्टॉलेशन अटैक (केआरएसीकेज यानि क्रैक) का नाम दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक आपकी पहुंच के भीतर मौजूद हैकर WPA2 में मौजूद कमियों को क्रैक की मदद से क्रेडिट कार्ड नंबर, पासवर्ड जैसी आपकी सारी अहम जानकारियों को पढ़ सकता है. इन्हें पहले सुरक्षित रूप से एन्क्रिप्टेड माना जाता था. इसके बाद अटैकर आपसे जुड़ी कई अहम जानकारियों को हैक कर सकता है.

नेटवर्क कंफिगरेशन की मदद से डाटा को आपके सिस्टम में इंजेक्ट करना और उनके साथ खिलवाड़ करना भी संभव है. जैसे, अटैकर किसी खास रैनसमवेयर या किसी दूसरे मालवेयर को वेबसाइट या सिस्टम में इंजेक्ट कर सकता है.

रिपोर्ट बताती है कि एंड्रॉयड, लिनक्स, ऐप्पल, विंडोज, ओपन बीएसडी, मीडियाटेक, आदि पर किसी न किसी तरह के अटैक का खतरा संभव है.

साइबर हमले से बचने के लिए आप जितनी जल्दी संभव हो जैसे ही सेक्योरिटी अपडेट उपलब्ध हो, अपने प्रोड्क्ट या सिस्टम को अपडेट करें. ध्यान रखें कि यदि आपका डिवाइस वाई-फाई को सपोर्ट करता है तो रिपोर्ट के मुताबिक उसके हैक होने का खतरा सबसे अधिक है.

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