वोडाफोन का आइडिया में विलय मार्च 2018 तक

Swarnkanta - 3 अक्टूबर, 2017 - पूर्वाह्न 10:51 IST बजे

वोडाफोन का आइडिया में विलय मार्च 2018 तक

दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्यूलर के बीच विलय का सौदा 2018 के मार्च में पूरा हो सकता है.

(CCM) — वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्यूलर ने मौजूदा साल के शुरुआत में अपने कारोबार के विलय का आधिकारिक ऐलान किया था. सूत्रों के मुताबिक, ‘‘आइडिया और वोडाफोन के विलय में केवल दो मंजूरी बची है. यह चालू वित्त वर्ष यानी मार्च 2017 से मार्च 2018 के आखिर में पूरा होगा.’’



आइडिया और वोडाफोन के विलय के बाद देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी अस्तित्व में आएगी. इसका मूल्य 23 अरब डॉलर से अधिक तथा बाजार हिस्सेदारी 35 प्रतिशत होगी. हालांकि वोडाफोन और आइडिया ने इस मामले पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है. उन्हें ईमेल भेजे गये हैं, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है. दोनों कंपनियां मंजूरी को लेकर फिलहाल राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष हैं. उसके बाद उन्हें दूरसंचार विभाग से अंतिम मंजूरी लेनी है.

आइडिया सेल्यूलर शेयरधारकों और ऋणदाताओं के साथ 12 अक्टूबर को बैठक करेगी और वोडाफोन इंडिया के कारोबार में विलय को लेकर मंजूरी लेगी.

खबरों के मुताबिक इन दोनों कंपनियों के विलय के बाद इसके चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला होंगे. वे आदित्य बिड़ला ग्रुप के हेड हैं. जबकि कंपनी का सीएफओ वोडाफोन की तरफ से रखा जाएगा. इसके अलावा सीईओ की नियूक्ति दोनों कंपनियां मिल कर करेंगी.

दोनों कंपनियों ने मर्जर के बाद कोई नई कंपनी नहीं बनेगी बल्कि विलय के बाद भी वे अलग अलग ब्रांड से चलती रहेंगी. वोडाफोन के सीईओ विटोरियो ने कहा है कि दोनों कंपनियां मजबूत हैं, इसलिए ये दोनों मिलकर कोई नई कंपनी नहीं बनाएंगे, बल्कि वोडाफोन और आइडिया के नाम से ही चलेंगे.

जियो की वजह से मार्केट में कॉम्पटीशन बढ़ा है और इसी वजह से वोडाफोन को पिछले साल अच्छा ख़ासा नुकसान झेलना पड़ा था. ये दोनों कम्पनियों के साथ आने से इनका यूजरबेस तो बढ़ेगा ही, पोर्ट कनेक्टिविटी फीस में भी अच्छी बचत होगी. विलय सफल हुआ तो दोनों ही कंपनियां जियो से लड़ने के लिए और अच्छे प्लान लांच कर सकती हैं.

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