जानलेवा ब्लू व्हेल चैलेंज पर सरकार ने लगाई रोक

RanuP - 16 अगस्त, 2017 - पूर्वाह्न 11:42 IST बजे

जानलेवा ब्लू व्हेल चैलेंज पर सरकार ने लगाई रोक

इंटरनेट गेम ब्लू व्हेल चैलेंज के खिलाफ सरकार ने सख्ती से निपटने का निर्णय ले लिया है. इसके लिए सरकार ने एक गाईडलाइन भी जारी कर दी है.

(CCM) — कुछ दिनों पहले मुंबई में ब्लू व्हेल गेम खेल रहे 14 साल के एक बच्चे ने अपनी सोसायटी से कूदकर आत्महत्या कर ली थी. मौत की खबर चारों तरफ फ़ैल गई. रिपोर्ट के अनुसार पता चला की देश में कई यूजर इस गेम को खेल रहे हैं. ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है.

सरकार ने इंटरनेट कंपनी गूगल, फेसबुक, व्हाट्सऐप, माइक्रोसॉफ्ट और याहू समेत कई कंपनियों को एक नोटिस भेजा है. इन सभी कंपनियों को इस गेम से जुड़े सभी लिंक को पूरे सिस्टम से हटाने के लिए कहा गया है. यानी इस गेम से जुड़ी सभी जानकारी को इस सिस्टम से हटा दिया जाएगा.

दरअसल इस गेम में हर लेवल पर एक टास्क होता है. जिसमें किसी इंसान या चीज को नुकसान पंहुचाया जाता है. गेम के फाइनल स्टेज में यूजर को अपनी जान देकर चैलेंज पूरा करना होता है. गेम के सर्वर में यूजर की सारी जानकारी और सोशल मीडिया एक्टिविटी सेव होती रहती है. शायद यही वजह है कि ब्लू व्हेल गेम का मॉडरेटर खिलाड़ी को अंत में आत्महत्या करने को मजबूर कर देता है. हर टास्क के साथ हाथ में नीले रंग की व्हेल का एक निशान भी बनाया जाता है.

यह एक रूसी गेम है जिसके लॉन्च होने के बाद रूस में ही कई बच्चों ने अपनी जान दे दी थी. इसके बाद डेवलपर को जेल भेज दिया गया था.

देश में मुंबई के अलावा इसी सप्ताह केरल में एक 16 साल के लड़के ने आत्महत्या कर ली. उस केस के तार भी इसी गेम से जोड़े जा रहे हैं. सरकार ने सावधानी बरतते हुए तुरंत ही इस गेम के खिलाफ एक्शन ले लिया है.

इस गेम को बैन करने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा लेकर राज्यसभा में भी आवाजें उठ चुकी हैं. असल में ब्लू व्हेल गेम वेबसाइट या ऐप पर चलने वाला गेम नहीं है. इसके लिए अलग-अलग ऑनलाइन फोरम पर जाना होता है. इसीलिए सरकार ने देश की सभी इंटरनेट कंपनियों को इसके खिलाफ एक्शन लेने के लिए नोटिस भेजी है.

सरकार की तरफ से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय ने इस नोटिस को जारी किया है. फेसबुक और इंस्टाग्राम ने पहले से ही इसको रोकने के लिए एक पेज भी बना दिया है. यहां यूजर इससे जुड़े कंटेंट की रिपोर्ट कर सकते हैं. इस गेम के खिलाफ सबसे पहले मेनका गाँधी ने पत्र लिखा था.

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