30 करोड़ बार डाउनलोड हुआ सऊदी अरब का 'सराहा'

Swarnkanta - 9 अगस्त, 2017 - पूर्वाह्न 11:19 IST बजे

30 करोड़ बार डाउनलोड हुआ सऊदी अरब का 'सराहा'

सऊदी अरब के तौफ़ीक ने एक ऐसा ऐप बनाया जिसने तहलका मचा दिया है. इसे अब तक 30 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है.

(CCM) — ऐप का नाम है 'सराहा'. सराहा एक अरबी शब्द है. इसका मतलब है स्पष्टवादिता या ईमानदारी. इसे 2016 में तैयार किया गया. ऐप को गूगल प्ले स्टोर और ऐप्पल स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है.



सराहा को बनाने वाले 29 साल के जेन अल-अबीदीन तौफ़ीक ने इसे वेबसाइट के रूप में शुरू किया था. एक ऐसी वेबसाइट जिसकी मदद से कंपनी के कर्मचारी अपने बॉस को अपना नाम गुप्त रखते हुए फीडबैक दे सकते हैं. अरबी भाषी देशों में सफलता मिलने के बाद उन्होंने इसका अंग्रेजी वर्जन पिछले महीने तैयार किया. दूसरे कई अनॉनिमस मैसेजिंग ऐप की तरह सराहा भी किशोरों को बहुत पसंद आया है.

सराहा वेबसाइट इस ऐप के बारे में कहती है, "यदि आप अपने तरीके से अपने दोस्तों और बॉस को सही-सही फीडबैक देना चाहते हैं तो सराहा आपके लिए है." कंपनी के कर्मचारी अपने बॉस को अपना नाम गुप्त रखते हुए फ़ीडबैक दे सकते हैं.

इस ऐप की मदद से आप अपनी प्रोफाइल से जुड़े किसी भी व्यक्ति को मैसेज भेज सकते हैं. पर सामने वाले व्यक्ति को पता नहीं चलेगा कि ये मैसेज आपने भेजा है. सराहा मैसेज भेजे गए व्यक्ति को उसका जवाब देने का मौका नहीं देती है. यानी यदि आपको किसी ने ऐसा फीडबैक दिया तो आपको बुरा लगे, या आप उससे सहमत ना हों तो भी आप उस मैसेज का जवाब नहीं दे सकते हैं.

सराहा वेबसाइट इस बात का ख्याल रखती है कि जब तक यूजर न चाहें उनकी पहचान सामने नहीं आए. और यही कारण है कि ये ऐप लोगों के बीच बहुत तेज़ी से लोकप्रिय होता जा रहा है. इसे अब तक 30 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है.

हालांकि इस बात की आशंका जताई जा रही है कि अगर लोगों को मैसेज भेजने वाले का पता नहीं चलेगा तो इसका गलत इस्तेमाल भी धड़ल्ले से हो सकता है. इसके बारे में तौफीक का कहना है कि ऑनलाइन उत्पीड़न या गलत बर्ताव को रोके के लिए ब्लॉक या फिल्टर करने की सुविधा भी मौज़ूद है.

सराहा को आईओएस या एंड्रॉयड दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम पर डाउनलोड किया जा सकता है. वैसे आप चाहें तो सराहा वेबसाइट पर अपना एक अकाउंट बना सकते हैं और अपने मैसेज चेक कर सकते हैं.

तौफीक का कहना है कि उन्होंने यह ऐप इसलिए बनाया ताकि किसी व्यक्ति से वो सब कह सकें जो आप उनके सामने आकर नहीं कह सकते क्योंकि संभव है कि जो आप कह रहे हैं उन्हें वो सुनना अच्छा ना लगे. वे कहते हैं, "उम्र, पद, नियम जैसी कई बातें होती हैं जिनके कारण आप अपने मन की बात खुलकर नहीं कह पाते. जैसे आप अपने दादा से वो सारी बातें नहीं कह सकते जो आप उनके बारे में सोचते हैं. ये ऐप उन सारी सीमाओं को तोड़ता है."

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