फेसबुक को क्यों बंद करना पड़ा ये बड़ा प्रोजेक्ट

RanuP - 1 अगस्त, 2017 - अपराह्न 01:37 IST बजे

फेसबुक को क्यों बंद करना पड़ा ये बड़ा प्रोजेक्ट

ऐसा क्या हुआ कि फेसबुक संस्थापक मार्क जकरबर्ग को अपना प्रोजेक्ट स्वयं बंद करने का फैसला लेना पड़ा.

(CCM) — फेसबुक ने कुछ दिन पहले आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा एक प्रयोग शुरू किया था. कुछ ही दिन बाद टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने भी इस संबंध में चिंता जाहिर की. अंत में इस प्रोजेक्ट को बंद करना पड़ा. पर ऐसा क्यों हुआ?



रिपोर्ट के अनुसार फेसबुक का आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस प्रोग्राम "उनके हाथों से बहार निकल गया" था. रोबोट ने आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस की मदद से स्वयं की भाषा इजाद कर ली. खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में इस रोबोट सिस्टम ने किसी भी तरह की इंसानी मदद नहीं ली.

यानि अगर वो सिस्टम आज खुद की भाषा बना सकता था तो कल वह सिस्टम फेसबुक को भी नुकसान पहुंचा सकता था. मार्क जकरबर्ग ने तुरंत ही इस सिस्टम और प्रोजेक्ट को बंद करने का ऐलान कर दिया.

इस सिस्टम ने फेसबुक के सर्वर या कंपनी के किसी अन्य सिस्टम को किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचाई. पर इसने अंग्रेजी भाषा का प्रयोग को बंद करके स्वयं की कोडिंग में संवाद करना शुरू कर दिया. जैसे ही इंजीनियर को यह पता चला, उन्होंने पहले सिस्टम की भाषा बदलने की कोशिश की. पर बाद में जब आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस सिस्टम की भाषा पर कंट्रोल नहीं पाया जा सका, इसको बंद करने का फैसला लिया गया.

असल में यह मामला जून के महीने में शुरू हुआ जब फेसबुक की प्रयोगशाला में इस सिस्टम के डायलॉग एजेंट ने अपनी भाषा बनानी शुरू कर दी थी. इसी के बाद चैट बॉट इंजीनियर द्वारा दी गई स्क्रिप्ट के अलावा कुछ अन्य चीजें करने लगे. असल में इन चैट बॉट को इसलिए डिजाइन किया गया था कि वो आपस में कम्युनिकेट कर सकें. पर उनको यह संवाद अंग्रेजी भाषा में करने के लिए ही प्रोग्राम किया गया था. उनका इस तरह खुद की भाषा में कम्युनिकेट करना फेसबुक टीम में के लिए काफी चौकाने वाला था. ये बॉट मात्र कुछ महीने में काफी स्मार्ट हो गए थे. वो अपने काम और उसकी प्राथमिकता का निर्णय ले सकते थे.

ये मामला इसीलिए ज्यादा ख़बरों में आया क्यूंकि अभी कुछ दिनों पहले ही एलन मस्क और मार्क जकरबर्ग के बीच आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस को लेकर बहस हुई थी. मस्क के अनुसार जकरबर्ग को इस संबंध में कम जानकारी है. उन्होंने दुनिया में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस सिस्टम के प्रसार पर भी चिंता व्यक्त की थी. और जकरबर्ग द्वारा यह सिस्टम बंद किया जाना मस्क की बात को सच साबित कर रहा है.

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